महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने गुरुवार को दो अहम घोषणाएं कीं – पहली, मुंबई में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नई 'ड्रेनेज मास्टर प्लान' बनाई जा रही है; और दूसरी, हवाई जहाजों से पक्षी टकराने (बर्ड हिट) की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
भारी बारिश के लिए नई ड्रेनेज मास्टर प्लान
मंत्री आशीष शेलार ने बताया कि मुंबई में अब ऐसी योजना बनाई जा रही है जो 100 मिमी प्रति घंटे से अधिक बारिश से निपट सके। अभी मुंबई का नाला तंत्र केवल 55 मिमी प्रति घंटे की बारिश झेलने के लिए बना है।
क्या-क्या किए जा रहे हैं प्रयास
नई योजना के तहत चार नए पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। वहीं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण इस योजना के लिए अतिरिक्त फंड देगा। जबकि मुंबई में पहले 25 मिमी/घंटा की क्षमता थी, जिसे 2005 की बाढ़ के बाद 55 मिमी/घंटा किया गया। अब इसे 100 मिमी से ऊपर किया जा रहा है। एक नया ₹5000 करोड़ का मास्टर प्लान तैयार हो रहा है, जिसमें आईआईटी विशेषज्ञ मदद कर रहे हैं। साल 2005 की बाढ़ में 16 घंटे में करीब 1000 मिमी बारिश हुई थी, जिससे पूरे शहर में जलप्रलय जैसी स्थिति बन गई थी।
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कहां लगाए जाएंगे नए पंपिंग स्टेशन?
महाराष्ट्र नगर और धारावी टी-जंक्शन में छोटे पंप, मोगरा और महुल में दो बड़े पंप लगाए जाएंगे। इनसे कुर्ला और अंधेरी जैसे बाढ़-प्रभावित इलाकों में पानी निकासी आसान होगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जापान दौरे में वहां की ड्रेनेज तकनीक को अपनाने की बात की थी। उसी के आधार पर मुंबई में यह नई योजना तैयार की जा रही है।
बर्ड हिट की बढ़ती घटनाएं और एयर सेफ्टी योजना
मुंबई एयरपोर्ट के पास कचरे के अड्डों और गीले कचरे के कारण पक्षी जुटते हैं, जिससे विमान सुरक्षा को खतरा होता है। वहीं खतरनाक इलाकों की बात करें, तो इसमें देवनार, कांजुरमार्ग और वर्सोवा वेस्ट ट्रांसफर सेंटर – ये एयरपोर्ट के फनल ज़ोन (जहां विमान उतरते-चढ़ते हैं) में आते हैं।
बर्ड हिट की स्थिति:
- 2020: 20 घटनाएं
- 2021: 35
- 2022: 36
- 2023: 60
- 2024: 59 (जनवरी 2025 तक 19 और)
फ्लेमिंगो की बढ़ती संख्या:
2015 में 10,000 थे, 2024 में बढ़कर 2 लाख हो गए हैं – ज्यादातर ठाणे क्रीक में।
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समाधान के लिए उठाए गए कदम
इस कड़ी में वर्सोवा वेस्ट ट्रांसफर सेंटर का आधुनिकीकरण किया जाएगा। जिसमें एक ढांचा बनाया जाएगा, दुर्गंध नियंत्रण प्रणाली लगेगी इसके साथ मोबाइल कचरा संपीड़न मशीन लगाई जाएगी और 15 दिन में टेंडर जारी होंगे, तुरंत काम शुरू करने का आदेश दिए गए हैं। वहीं वैज्ञानिकों और युवाओं से सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। इसमें हैकथॉन आयोजित होगा ताकि नई तकनीकें सुझाई जा सकें। वहीं पर्यावरण विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी द्वारा परीक्षण होंगे। इसके साथ ही बर्ड हिट रोकने के लिए राज्य एअरपोर्ट एनवायरनमेंट कमेटी से भी राय ली जाएगी।