वैश्विक महामारी कोरोना वायरस को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन की अवधि के दौरान मुंबई बंदरगाह ने 321 जहाजों और नौ मिलियन मीट्रिक टन कार्गो को संभाला है। एक शीर्ष अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि बंदरगाह अब पूरी तरह से चालू है।
बंदरगाह पर 12 जून से छह क्रूज लाइनर आ चुके हैं और कुछ और भारतीय चालक दल के साथ पहुंचने के लिए निर्धारित हैं। गौरतलब हो कि दुनियाभर के विभिन्न स्थानों पर लॉकडाउन के कारण ये सभी वहीं फंस गए थे।
संजय भाटिया ने एक बयान में कहा कि 28 जून तक 10,000 भारतीय चालक दल के सदस्यों के साथ 14 क्रूज लाइनर मुंबई बंदरगाह तक पहुंच जाएंगे। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की अवधि के दौरान मुंबई बंदरगाह ने इंदिरा डॉक्स, मरीन ऑयल टर्मिनल-जवाहर द्वीप, केमिकल टर्मिनल-पीरपा और मिडस्ट्रीम में अपने बर्थ पर स्टील, चीनी, दालें, उर्वरक, सीमेंट, मोटर वाहन, कच्चे तेल और रसायनों के अलावा कार्गो की बड़ी रेंज को संभालना जारी रखा। भाटिया ने बताया कि इस दौरान बंदरगाह ने 321 जहाजों से 9.6 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो को संभाला।
उन्होंने यह भी कहा कि बंदरगाह ने अपनी सुविधा पर क्रूज लाइनरों को संभालना जारी रखा, ताकि दुनियाभर में क्रूज जहाजों पर फंसे भारतीय चालक दल को वापस लाने में सक्षम रहा जाए।
भाटिया ने आगे कहा कि मुंबई बंदरगाह पर उतरने में नाविकों की मदद के लिए बंदरगाह ने हमेशा मदद की है। अभी तक छह क्रूज जहाज बंदरगाह पर पहुंचे और 1000 भारतीय दल की अगुवाई की गई।