महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं ने अवैध पाकिस्तानी व बंगलादेशियों के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है, लेकिन मुंबई पुलिस इससे बेखबर अवैध विदेशी घुसपैठियों के बारे में जानकारी ही नहीं दे रही है। आरटीआई कार्यकर्ता अनिल ने सूचना के अधिकार के तहत मुंबई पुलिस से इस संबंध में जानकारी मांगी थी लेकिन, पुलिस ने जवाब दिया है कि यह सूचना के अधिकार के दायरे से परे है।
अनिल गलगली ने मुंबई पुलिस से जानकारी मांगी थी कि पिछले पांच वर्ष में ऐसे कितने विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया और उन्हें विदेश भेजा गया है, ऐसे लोगों की कितनी संख्या है। साथ ही, उन विदेशी नागरिकों को किन-किन धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है। न्यूनतम और अधिकतम सजा के साथ उनपर कितना जुर्माना लगाया गया है।
गलगली ने बताया कि पुलिस ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 का हिस्सा-6 की धारा 24 (1) अनुसार यह जानकारी नहीं दी। मुंबई पुलिस के क्राइम ब्रांच के पुलिस निरीक्षक रविंद्र काटकर ने स्पेशल ब्रांच के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविंद्र दलवी का अभिप्राय भेज दिया। इस अभिप्राय में ऐसा आदेश जारी किया है कि भारत में निवास करनेवालों की जानकारी को सूचना का अधिकार कानून के दायरे से हटाया गया है।