न्यू इंडिया को-ऑपरेटिब बैंक में 122 करोड़ के कथित गबन के मामले में अदालत ने मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को संपत्तियां कुर्क करने की अनुमति दे दी है। पुलिस मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों की 168 करोड़ की 21 संपत्तियों को कुर्क करेगी। अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने संपत्तियां कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक में कथित गबन के मामले में पांच आरोपियों की 167.85 करोड़ रुपये की 21 संपत्तियों को कुर्क किया जाएगा। मुंबई की एक अदालत ने पुलिस को कुर्की की मंजूरी दे दी है। मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 के तहत शहर में यह पहली ऐसी कार्रवाई होगी।
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एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच कर रही मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने बुधवार को मजिस्ट्रेट अदालत से मंजूरी मिलने के बाद कुर्की की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारी के अनुसार, जिन संपत्तियों को कुर्क किया जाना है, उनमें चारकोप में 150 करोड़ रुपये की एक झुग्गी पुनर्वास परियोजना भी शामिल है। इस परियोजना को गिरफ्तार आरोपियों में से एक बिल्डर धर्मेश पौन द्वारा विकसित किया जा रहा है।
संपत्तियों की कुर्की के लिए ईओडब्ल्यू ने अदालत में दिया था आवेदन
अधिकारी के अनुसार, बैंक गबन से संबंधित संपत्तियों को कुर्क करने के लिए ईओडब्ल्यू ने अदालत में आवेदन दिया था। इसके जवाब में अदालत ने बैंक के पूर्व महाप्रबंधक हितेश मेहता के सात फ्लैट, एक दुकान और बंगला सहित 21 संपत्तियों को कुर्क करने की अनुमति दे दी है।
इन आरोपियों की संपत्तियां की जाएंगी कुर्क
ईओडब्ल्यू के एक अधिकारी ने बताया कि अन्य में उन्नाहलाथन अरुणाचलम की एक दुकान, आरोपी कपिल देदिया का एक फ्लैट, बिहार में व्यवसायी जावेद आजम की संपत्तियों को कुर्क किया जाएगा। आजम की संपत्तियों में मधुबनी में एक दुकान और एक फ्लैट व पटना में एक फ्लैट शामिल है। अधिकारी ने बताया कि ये सभी व्यक्ति बैंक से 122 करोड़ रुपये के कथित गबन के लिए ईओडब्ल्यू द्वारा गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में शामिल हैं।