बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के वृक्ष प्राधिकरण ने विभिन्न परियोजानओं के लिए साल 2018 में 8,775 पेड़ काटने की अनुमति दी थी। इन परियोजनाओं में मेट्रो रेल परियोजना, सड़कें चौड़ी करना और मोनोरेल लाइनें बिछाना आदि शामिल हैं।
हालांकि अभी तक ये सारे पेड़ नहीं काटे गए हैं, अभी जारी की गई अनुमति पर ही काम चल रहा है। लेकिन आंकड़े बताते हैं कि बीते साल हर रोज मुंबई ने 24 पेड़ों को खोया है।
इस साल एक जनवरी से 15 अप्रैल तक बीएमसी ने 12 अन्य मंजूरी भी जारी की हैं, जिनसे 3,588 पेड़ प्रभावित होंगे। यानी औसतन रोजाना 37 पेड़।
बीएमसी द्वारा अखबार के विज्ञापनों के माध्यम से जारी किए गए 15 महीने के आंकड़ों से ये जानकारी सामने आई है। विज्ञापनों को खार निवासी और कार्यकर्ता जोरू बाथेना ने एकत्रित किया है।
बीएमसी के उद्यान विभाग के अधिकारी का कहना है, "जारी की गई अनुमतियों का डाटा सही है, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद केवल 20 फीसदी पेड़ ही काटे गए हैं, आदेश में कोर्ट ने कहा था कि जब तक हम वृक्ष प्राधिकरण में विशेषज्ञ सदस्यों को शामिल नहीं करते, तब तक कोई पेड़ नहीं काटा जाएगा।"