मध्य रेलवे के एक अधिकारी ने बताया, "सीमेंट-कंक्रीट की ऊपरी परत को हटाने का काम शुक्रवार को शुरू हो गया। पैरापेट, वर्टिकल कॉलम और कोरोडेड ट्रफ के कंक्रीट को हटाने का काम किया जाएगा।"
दक्षिण मुंबई में सीएसएमटी और मस्जिद स्टेशनों के बीच स्थित ब्रिटिश काल के कार्नैक ब्रिज को गिराने का काम शुरू हो गया है। मध्य रेलवे के अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि इसे पूरी तरह से ढहाने के काम में लगभग तीन महीने लग सकते हैं।
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2014 में ही रोक दी गई थी भारी वाहनों की आवाजाही
अधिकारियों ने कहा कि पुल 1866-77 में बनाया गया था और 2018 में आईआईटी बॉम्बे की एक एक्सपर्ट टीम द्वारा इसे असुरक्षित घोषित कर दिया गया था। हालांकि 2014 से ही इस पर भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी।
सीमेंट-कंक्रीट की ऊपरी परत हटाने का शुरू
मध्य रेलवे के एक अधिकारी ने बताया, "सीमेंट-कंक्रीट की ऊपरी परत को हटाने का काम शुक्रवार को शुरू हो गया। पैरापेट, वर्टिकल कॉलम और कोरोडेड ट्रफ के कंक्रीट को हटाने का काम किया जाएगा।"
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भारी ट्रैफिक के चलते रात और मेगा ब्लॉक के दौरान भी काम करेंगे
उन्होंने बताया, "पुल पटरियों (ट्रेक) के ऊपर है जहां भारी ट्रैफिक दिखाई देता है, इसलिए विध्वंस-विघटन का काम हम रात में करेंगे। हम रविवार को नियमित रूप से ऑपरेशनल मेगा ब्लॉक (जिस अवधि में ट्रेन की आवाजाही रुकती है) के दौरान भी काम करेंगे।"
तीस घंटे के मेगा ब्लॉक की योजना
उन्होंने कहा कि पुल की डाट को हटाने, विध्वंस को पूरा करने और फिर क्रेन का उपयोग करके पूरे इस्पात ढांचे को दूर करने के लिए 30 घंटे के मेगा ब्लॉक की योजना है।
पिछले महीने सभी वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई थी
मध्य रेवले के अधिकारी ने कहा कि पूरे पुलिस को गिराने में तीन महीने लग सकते हैं। पिछले महीने ट्रैफिक पुलिस और नगर अधिकारियों की बैठक के बाद पुल को सभी प्रकार के यातायात के लिए बंद कर दिया गया था। उन्होंने स्ट्रक्चर में दरारें और जंग को ध्यान में रखा था।