केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की मुसीबतें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। अब तटीय प्रबंधन निकाय की ओर से केंद्रीय मंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। आरोप है कि उनके जूहू स्थित बंगले में तटीय नियामक क्षेत्र के मानकों का उल्लंघन किया गया है। इससे पहले बीएमसी ने भी उनके बंगले अधीश में अवैध निर्माण को लेकर राणे को नोटिस जारी किया था।
24 मई को जारी किए गए इस नोटिस के तहत मैसर्स आर्टलाइन प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को 10 जून को तलब किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें यह बताने के लिए कहा है कि उनके बंगले में हुए निर्माण को फ्लोर स्पेस इंडेक्स से परे क्यों माना जाना चाहिए। जबकि यह 11 जुलाई, 2007 को तटीय नियामक क्षेत्र के लिए जारी एनओसी का उल्लंघन है। नोटिस में कहा गया है कि एनओसी में एफएसआई 1 के लिए अनुमति मिली है, जबकि यह उक्त अनुमति से अधिक है और 2.125 एफएसआई तक बनाया गया है।
इससे पहले बीएमसी की ओर से जारी नोटिस में बंगले के भूतल और आठ मंजिलों में से सात में अनधिकृत तौर पर बदलाव किए जाने का उल्लेख किया गया था। बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया था कि बंगले में पहली मंजिल से लेकर 8वीं मंजिल (7वीं मंजिल छोड़कर) तक बगीचे की जगह रूम बनवाए गए हैं जबकि नियम के मुताबिक आठ मंजिला बंगले के सभी फ्लोर पर बगीचे का क्षेत्र होना आवश्यक है।