प्रवासियों के रहन-सहन के मामले में मुंबई देश का सबसे महंगा शहर है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह मेलबर्न और फ्रैंकफर्ट जैसे अन्य वैश्विक शहरों की तुलना में भी काफी महंगा है। वहीं दिल्ली, बंगलूरू, कोलकाता सबसे सस्ते शहरों में से हैं।
देश की आर्थिक राजधानी वैश्विक तौर पर प्रवासियों के रहन-सहन के मामले में 55वें स्थान पर है। वहीं मेलबर्न 58वें, फ्रैंकफर्ट 68वें, ब्यूनोज एयर्स 76वें, स्टॉकहोम 89वें और एटलांटा 95वें स्थान पर है। सर्वेक्षण में शामिल अन्य शहरों में दिल्ली (103), चेन्नई (144), बंगलूरू (170) और कोलकाता (182) रहन-सहन के मामले में सबसे सस्ते शहरों में शामिल हैं।
सर्वे में कहा गया है कि जहां मेलबर्न और ब्यूनोज एयर्स जैसे शहरों की रैंकिंग गिरी है वहीं मुंबई की रैंकिंग में उछाल आया है। उन्होंने इसका कारण खाद्य पदार्थों, शराब और घरेलू आपूर्ति की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी को भी माना।
प्रवासियों के लिए रहने के मामले में हांग कांग दुनिया का सबसे महंगा शहर पाया गया। दरअसल इस सर्वेक्षण को इस तरह से तैयार किया गया है कि बहुराष्ट्रीय कंपनियां और सरकारें अपने प्रवासी कर्मचारियों के लिए भत्ते की रणनीति तय कर सकें।
प्रवासी उपभोग की वस्तुएं हुईं महंगी :
सर्वेक्षण अवधि के दौरान प्रवासी जिन सामग्रियों का सबसे अधिक उपभोग करते हैं भारतीय शहरों में उनकी महंगाई दर 5.57 फीसदी रही। इनमें बटर, मीट और पोल्ट्री जैसे प्रवासी खाद्य पदार्थ शामिल हैं। इसके साथ ही खेती के प्रीमियम उत्पादों और शराब के दामों में भी अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई है। बढ़ती कीमतों में मनोरंजन और परिवहन से संबंधित गतिविधियों ने भी अपनी भूमिका निभाई है।
न्यूयॉर्क से की गई 209 शहरों की तुलना :
साल 2018 के लिए रहन-सहन सर्वेक्षण वाली यह सूची वैश्विक परामर्श कंपनी ‘मर्सर’ ने जारी की है। इस साल के सर्वेक्षण में पांच महाद्वीपों के 209 शहरों को शामिल किया गया। इस दौरान हर स्थान के 200 से अधिक सामानों की तुलना की गई। इसने अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर को सभी तुलनाओं के लिए अपना आधार माना।