संत कबीर दास के प्राकट्य पर्व पर मगहर में 28 जून को रैली करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक तीर से कई निशाने साधेंगे। कबीर स्थली से प्रधानमंत्री देश, दुनिया को सामाजिक समरसता का संदेश देंगे। साथ ही मिशन 2019 का आगाज करेंगे। इसी दौरान पूर्व समाजवादी पार्टी सांसद भालचंद्र यादव भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। सपा के पुराने नेता भालचंद को शिवपाल और मुलायम का करीबी माना जाता है।
भाजपा गोरक्ष प्रांत के क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2014 में 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर मानबेला में रैली की थी। इस बार कबीर मिशन पर निकले हैं। प्रधानमंत्री की मगहर रैली में भाजपा गोरक्ष प्रांत के नेता पार्टी का फायदा देख रहे हैं। कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री की रैली से गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल के 10 जिलों की 13 लोकसभा सीटों का सामाजिक समीकरण भी साधा जा सकेगा।
इन क्षेत्रों में कबीरपंथियों की संख्या अच्छी है। वह सामाजिक समरसता को ध्यान में रखकर आगे बढ़ते हैं। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने गोरक्ष प्रांत की 13 में से 12 सीटें जीती थीं। हालांकि 2018 के लोकसभा उपचुनाव में भाजपा को गोरखपुर सदर संसदीय सीट पर हार का सामना करना पड़ा। यह सीट सपा के पास चली गई है। अब भाजपा के पास 11 सीटें हैं। डॉ. धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि इस बार गोरखपुर, बांसगांव, देवरिया, सलेमपुर, संतकबीरनगर, डुमरियागंज सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, आजमगढ़, घोसी, मऊ और बलिया लोकसभा सीट पर भाजपा का परचम लहराएगा।
कार्यकर्ता, पदाधिकारी तन, मन से लगे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली टॉनिक का काम करेगी। हर वर्ग के वोटर भाजपा से जुड़ेंगे। भाजपा 2014 का इतिहास 2019 में भी दोहराएगी। मगहर से संत कबीर दास ने सामाजिक सद्भाव का जो संदेश दिया था, प्रधानमंत्री उसे आगे बढ़ाने आ रहे हैं।
दल बदलते रहे हैं भालचंद्र यादव
भालचंद्र यादव के लिए दल बदलना कपड़े बदलना जैसा है। वह 1999 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर सांसद बने थे। 2004 में दूसरी बार बसपा से चुने गए। इसके बाद 2008 में सपाई हो गए थे। दल बदल के चलते सदस्यता चली गई। उपचुनाव में हार गए। 2010 में फिर बसपाई हो गए। अप्रैल 2012 में बसपा से निष्कासित कर दिए गए। 2014 में अखिलेश ने भालचंद्र पर भरोसा जताया, टिकट दिया लेकिन वह लोकसभा चुनाव हार गए।
राज्यों में चुनाव के लिहाज से भी रैली अहम
गोरखपुर। भाजपा के रणनीतिकार प्रधानमंत्री की रैली को बेहद अहम मान रहे हैं। उनका कहना है कि भारत के अलग-अलग राज्यों में संत कबीर के आश्रम हैं। छत्तीसगढ़ में भी कबीरपंथियों की संख्या बहुत है, जहां अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। प्रधानमंत्री भले ही मगहर में बोलें लेकिन उसका संदेश छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, झारखंड, उड़ीसा और मध्य प्रदेश सहित तमाम राज्यों के कबीरपंथियों तक जाएगा। ज्यादातर राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं।
कबीरपंथी भाजपा से जुड़ने की कोशिश करेंगे। गोरक्ष प्रांत के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र सिन्हा का कहना है कि देश, दुनिया में सात करोड़ से ज्यादा कबीरपंथी हैं। माना जाता है कि मगहर में गुरु गोरखनाथ, गुरु नानक देव और संत कबीरदास मिले थे। वहां कबीर धुनी है तो पास ही गुरुद्वारा बना है। गुरु गोरखनाथ के भक्त आते हैं। मजार भी है। ऐसी जगह प्रधानमंत्री की रैली का बड़ा फायदा भाजपा को मिलेगा।