वक्त के साथ न केवल कैंसर का इलाज सस्ता हुआ है, बल्कि कई तरह के कैंसर अब पूरी तरह ठीक किए जा सकते हैं। पिछले 20-25 वर्षों में मेडिकल साइंस की तरक्की की बदौलत अब यह तक जानना मुमकिन है कि अगर खानदान में किसी को कैंसर हुआ था, तो परिवार के लोगों में किसी को यह रोग होने की कितने प्रतिशत संभावना है।
इसी क्रम में मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल मे भी आनुवांशिक कैंसर क्लीनिक की शुरुआत हुई है। कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. राजेश मिस्त्री ने बताया कि कैंसर के इलाज की दुनिया में क्रांतिकारी अनुसंधान हुए हैं, जिनसे तीसरी स्टेज तक के कैंसर को सफलतापूर्वक ठीक किया जाना संभव है। कैंसर की कई आयातित दवाएं, जो लाखों रुपये में आती थीं, अब स्वदेशी उत्पादन के कारण कुछ हजार रुपये में ही खरीदी जा सकती हैं।
कुछ कैंसर ऐसे हैं, जो परिवार की जीन में होते हैं और जिन्हें आधुनिक जांच मशीनों से परखा जा सकता है। स्तन, ओवरी, बड़ी आंत, पेन्क्रियाज आदि के कैंसर जीन में हो सकते हैं और कैंसर रोगियों के परिवार के लोगों में इनसे ग्रस्त हो जाने की संभावना अधिक होती है।
हर साल 14 लाख लोग हो रहे कैंसर के शिकार
प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी एंड पर्सनलाइज्ड कैंसर केयर विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ. मिस्त्री ने बताया कि देश में हर साल लगभग 14 लाख लोग कैंसर के शिकार बनते हैं। इनमें से तीस फीसदी मरीज तंबाकू या जर्दे के कारण गिरफ्त में आते हैं। कैंसर रोगी का इलाज सर्जरी, कीमोथेरेपी दवा और रेडियोथेरेपी से किया जाता है।
कैंसर को थामो, लड़ो और जीतो : टीना अंबानी
अस्पताल की चेयरपर्सन टीना अनिल अंबानी ने कहा, कैंसर को थामना, उससे लड़ना और जीतना ही अस्पताल का मिशन है। हमारा इरादा अस्पताल को कैंसर के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ तकनीक और प्रतिभा का केंद्र बनाना है।