कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण ने महाराष्ट्र के बुल्ढाना जिले में एक बैंक शाखा प्रबंधक द्वारा फसल रिण मंजूरी के लिए कथित रूप से किसान की पत्नी से अपनी यौन इच्छाओं की पूर्ति की मांग करने वाली घटना की आज निंदा की।
चव्हाण ने इसे महाराष्ट्र जैसे प्रगतिशील राज्य के लिए एक ‘‘शर्म की बात’’ और ‘‘धब्बा’’ बताया।
बुल्ढाना जिला स्थित सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के बैंक प्रबंधक राजेश हिवसे के खिलाफ गत गुरूवार को एक मामला दर्ज किया गया। यह मामला तब दर्ज किया गया जब बैंक में फसल रिण के लिए आवेदन देने वाली मलकपुर तहसील के दताला गांव निवासी एक महिला ने एक शिकायत दर्ज करायी।
पुलिस के अनुसार महिला जब अपने पति के साथ बैंक गई थी तब बैंकर ने उसका नम्बर ले लिया था। उसने बाद में महिला को फोन किया और रिण अर्जी आगे बढ़ाने के बदले उसके सामने अपनी यौन इच्छाओं की पूर्ति की मांग रखी।
पुलिस ने बताया कि बाद में हिवसे ने महिला को अपनी मांगों के लिए तैयार करने के लिए एक संदेश वाहक को उसके पास भेजा। पुलिस ने बताया कि महिला ने बैंकर से हुई बातचीत रिकार्ड कर ली और बाद में गुरूवार को एक शिकायत के साथ उसे पुलिस को सौंप दिया।
चव्हाण ने कहा, ‘‘किसानों को ऋण माफी और फसल बीमा नहीं मिल रहा है और वे फसल ऋण का भी लाभ नहीं उठा सकते। एक बैंक शाखा प्रबंधक द्वारा फसल रिण मंजूरी के लिए किसान की पत्नी से कथित रूप से अपनी यौन इच्छाओं की पूर्ति की मांग करने वाली घटना हैरान करने वाली और निंदनीय है।’’