राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आदर्शों को भले ही भारतीय जनता भी भुलाने लग रही हो, लेकिन विदेशी उनकी अहिंसावादी नीति की आज भी सराहना कर रहे हैं। इसका उदाहरण शनिवार को एक बार फिर देखने को मिला, जब भारत के दौरे पर आए सेशेल्स के राष्ट्रपति डैनी फॉरे ने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए उनकी अहिंसावादी नीति को आज भी प्रासंगिक बताया। फॉरे ने साथ ही ये भी कहा कि पूरी दुनिया में बच्चों को अहिंसा के सिद्धांत की शिक्षा दी जानी चाहिए। फॉरे ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के आइकन माने जाने वाले गांधी जी को श्रृद्धांजलि भी दी।
अपने भारतीय दौरे के तहत शुक्रवार शाम को अहमदाबाद पहुंचे फॉरे शनिवार को साबरमती आश्रम पहुंचे, जहां गांधी जी 1917 से 1930 तक रहे थे। वहां उन्होंने विजिटर्स बुक में लिखी अपनी टिप्पणी में गांधी जी के आदर्शों का जिक्र करते हुए लिखा कि आंख के बदले आंख की नीति पूरे विश्व को अंधा बना देगी।
चलाया चरखा, डांडी मार्च की ली जानकारी
आश्रम के ट्रस्टी कार्तिकेय सारा भाई ने बताया कि फॉरे गांधी जी की कुटिया ‘हृदय कुंज’ में भी गए और नमक कानून के विरोध में किए गए डांडी मार्च के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान फॉरे ने चरखे पर सूत कातने का भी प्रयास किया और खादी तैयार करने की प्रक्रिया भी देखी। फॉरे अपने साथ गांधी दर्शन की दो किताब भी ले गए, जिसमें से एक वे अपने देश को तोहफे में देंगे।
इन जगहों पर भी गए फॉरे
साबरमती आश्रम जाने से पहले फॉरे आईआईएम-अहमदाबाद जाकर वहां के निदेशक एरोल डिसूजा से भी मिले। आश्रम के बाद वे गांधीनगर में गुजरात फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी पहुंचे। यहां उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे सेशेल्स के 18 पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने यूनिवर्सिटी के साथ साइबर डिफेंस और सिक्योरिटी क्षेत्र में अपने देश की तरफ से एक एमओयू भी करने की इच्छा जताई।
राज्यपाल के साथ किया भोजन
गोवा के लिए रवाना होने से पहले सेशेल्स के राष्ट्रपति अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ गांधीनगर में गुजरात के राज्यपाल ओपी कोहली से मिलने राजभवन पहुंचे और उनके साथ भोजन किया।