बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में बन रहे मुंबई बुलेट ट्रेन स्टेशन की खुदाई का 76% काम पूरा हो चुका है। यह मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का एकमात्र भूमिगत स्टेशन है। जानकारी के अनुसार 18.7 लाख क्यूबिक मीटर की खुदाई में से 14.2 लाख क्यूबिक मीटर की खुदाई हो चुकी है। साइट पर 120 घन मीटर प्रति घंट की क्षमता वाले तीन बैचिंग प्लांट खुदाई में लगे हुए हैं। बैचिंग प्लांट के तापमान को नियंत्रण करने के लिए एक आइस प्लांट और चिलर प्लांट रखा गया है। साइट में आधुनिक कंक्रीट लैब भी है, जिसमें वाटर पर्मिबिलिटी टेस्ट, रैपिड क्लोराइड पेनेट्रेशन टेस्ट जैसी सुविधाएं हैं। सभी कंक्रीट परीक्षण साइट पर ही किए जाते हैं। बेस स्लैब के लिए एम-60 ग्रेड का तापमान-नियंत्रित कंक्रीट इस्तेमाल हो रहा है। प्रत्येक स्लैब के लिए 3,000 से 4,000 क्यूबिक मीटर कंक्रीट चाहिए,जो स्थल पर बैचिंग और चिलर प्लांट से तैयार किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें -
Jagannath Temple: 'दीघा जगन्नाथ धाम' विवाद बढ़ा, बंगाल में लकड़ी के इस्तेमाल की जांच करेगा पुरी मंदिर प्रशासन
32 मीटर गहराई, 415 मीटर लंबा प्लेटफॉर्म
प्लेटफॉर्म को जमीन से करीब 26 मीटर की गहराई पर बनाया जाएगा। इसमें प्लेटफॉर्म, कॉनकोर्स और सर्विस फ्लोर सहित तीन मंजिलें होंगी। इस काम के लिए जमीन से 32 मीटर की गहराई तक खुदाई की जा रही है, जो 10 मंजिला इमारत के बराबर है। स्टेशन में छह प्लेटफॉर्म होंगे, जिनकी लंबई 415 मीटर लंबी होगी। यह मेट्रो और सड़क से जुड़े होंगे।
यात्रियों की सुविधाओं का रखा जा रहा ख्याल
इस परियोजना में दो प्रवेश और निकास बिंदु होंगे। एक बिंदु मेट्रो लाइन 2बी के नजदीक मेट्रो स्टेशन से जुड़ेगा,जबकि दूसरा एमटीएनएल भवन की ओर होगा। स्टेशन का डिज़ाइन इस तरह तैयार किया गया है कि कॉनकोर्स और प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के लिए पर्याप्त जगह और सुविधाएं उपलब्ध हों। बता दें कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने मुंबई बुलेट ट्रेन स्टेशन की प्रगति दिखाई। उन्होंने लिखा कि मुंबई का बुलेट ट्रेन स्टेशन जमीन से 100 फीट नीचे आकार ले रहा है।
यह भी पढ़ें -
Jharkhand: झारखंड में वकीलों को मिलेगा 10 लाख तक का बीमा कवरेज, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बड़ा एलान
पिछली सरकार की वजह से हुई देरी
इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया था कि इस परियोजना का काम 2028 के अंत तक पूरा होने की संभावना है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने इसे रोकने का फैसला किया था, इसलिए परियोजना में ढाई साल देरी हुई। यह भारत का पहला बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट है। यह हाई-स्पीड रेल लाइन लगभग 508 किमी लंबी होगी, जो मुंबई से अहमदाबाद को जोड़ेगी। इस कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन हैं। इससे दो शहरों के बीच की यात्रा का समय मौजूदा 6-7 घंटे से घटकर लगभग 2-3 घंटे रह जाएगा।