रेल मंत्रालय की कमान संभालते ही रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रालय में बदलाव करना शुरू कर दिया है। एक तरफ जहां रेलमंत्री ने एमआर सेल (मंत्री कार्यालय) दो शिफ्ट में काम करने का आदेश दिया है। वहीं दूसरी ओर रेलवे के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की समीक्षा करने और उसे गति देने के निर्देश भी दे दिए हैं।
मोदी सरकार में रेलवे के साथ ही सूचना और आईटी मंत्रालय की जिम्मेदारी अश्विनी वैष्णव ने पास ही है। आईटी मंत्रालय के अफसरों के साथ भी वैष्णव लगातार बैठक कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले ही वैष्णव ने राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर के साथ सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 के कार्यान्वयन और अनुपालन की समीक्षा की। बैठक के बाद उन्होंने कहा था कि नए नियम यूजर्स को सशक्त और संरक्षित करेंगे। साथ ही भारत में एक सुरक्षित और जिम्मेदार सोशल मीडिया का माहौल सुनिश्चित करेंगे।
आईटी मंत्रालय का पदभार संभालते ही मंत्री वैष्णव ने साफ किया था कि भारत में रहने वाले और काम करने वालों को देश के नियमों की पालन करनी होगी। वहीं ट्विटर के नए आईटी नियमों का पालन नहीं करने के सवाल पर उन्होंने कहा था कि जो कोई भी भारत में रहता है और काम करता है उसे यहां के नियमों को मानना ही होगा।
रेलमंत्री वैष्णव ने कार्यभार संभालने के बाद कहा था कि रेलवे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का अहम हिस्सा है। रेलवे के जरिये लोगों के जीवन को बदलना है ताकि आम आदमी, किसान, गरीबों को इसका लाभ मिले। आईआईटी कानपुर से एमटेक और 1994 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी वैष्णव खासतौर से बुनियादी ढांचे में सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) की रूपरेखा बनाने और उस पर अमल के लिए जाने जाते हैं।