वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी को लोकपाल की नियुक्ति करने वाली चयन समिति में बतौर नामचीन विधिवेत्ता नियुक्त किया गया है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट को दी। वरिष्ठ वकील पीपी राव के निधन के बाद से यह पद खाली था।
रोहतगी को मोदी सरकार ने 2014 में अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया था
Supreme Court of India
अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि 11 मई को रोहतगी की नियुक्ति का निर्णय लिया गया। रोहतगी को मोदी सरकार ने 2014 में अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया था लेकिन गत वर्ष जून महीने में उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था। लोकपाल की चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, विपक्ष के नेता, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश या नामित सुप्रीम कोर्ट के जज और एक नामचीन हस्ती के होने का प्रावधान है।
सुप्रीम कोर्ट मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को करेगी
प्रतीकात्मक तस्वीर
सुप्रीम कोर्ट कॉमन कॉज नामक एनजीओ द्वारा दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही है। याचिका में कहा गया है कि गत वर्ष सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद अब तक लोकपाल की नियुक्ति नहीं हो सकी है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इस मामले में सरकार का रवैया टालमटोल वाला है। सुप्रीम कोर्ट मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को करेगी।