पहलगाम आतंकी हमले और 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद, जो सोशल मीडिया यूआरएल और अकाउंट भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए, उन्हें कानूनी प्रावधानों के तहत भारत में ब्लॉक कर दिया गया है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक संसदीय समिति को बताया कि उसने कानून के अनुसार, कई सोशल मीडिया यूआरएल और अकाउंट को भारत में प्रतिबंधित किया है। ये यूआरएल और अकाउंट पहलगाम आतंकवादी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद राष्ट्रीय हितों के खिलाफ काम कर रहे थे।
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मंत्रालय ने यह बताया कि उसने ओटीटी प्लेटफॉर्म, मीडिया स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म और बिचौलियों (सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म) को पाकिस्तान की वेब सीरीज, फिल्में, गाने, पॉडकास्ट और अन्य स्ट्रीमिंग सामग्री को बंद करने को भी कहा।
मंत्रालय ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संचार और सूचना प्रौद्योगिकी पर संसद की स्थायी समिति के पूछे गए सवाल के जवाब में यह जानकारी साझा की। समिति ने मंत्रालय से राष्ट्रीय हितों के खिलाफ काम करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट और प्लेटफार्मों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी थी।
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मंत्रालय ने कहा कि उसे कंटेंट को ब्लॉक करने के लिए कई अनुरोध मिले थे और इन पर संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की गई। इसने इस मुद्दे पर एक एडवाइजरी भी जारी की थी। एडवाइजरी में कहा गया था कि भारत में हुए कई आतंकवादी हमलों के तार पाकिस्तान स्थित सरकारी और गैर-सरकारी तत्वों से जुड़े हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में, भारत में संचालित सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म, मीडिया स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म और बिचौलियों को सलाह दी जाती है कि वे पाकिस्तान की वेब-सीरीज, फिल्में, गाने, पॉडकास्ट और अन्य स्ट्रीमिंग मीडिया सामग्री को तत्काल प्रभाव से बंद कर दें, चाहे वे सदस्यता आधारित मॉडल पर उपलब्ध हों या नहीं।