नवगठित एमएसपी गारंटी किसान मोर्चा के तहत दिल्ली के पंजाब खोड़ गांव में तीन दिन तक चले राष्ट्रीय अधिवेशन में 27 राज्यों से 223 संगठनों के हजारों प्रतिनिधि शामिल हुए। अधिवेशन में तय हुआ है कि 2024 के लोकसभा चुनाव तक गांव-गांव ऐसा माहौल और दबाव बनाया जाएगा ताकि सरकार संसद में इस पर कानून बनाए।
न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी पर संसद की मुहर लगे इसके लिए किसान संगठन अब गांवों में घर-घर पहुंचकर माहौल बनाने का काम करेंगे। गांवों के बाहर वोट चाहिए तो एमएसपी गारंटी देनी होगी के होर्डिंग्स लगाए जाएंगे। किसान परिवार प्रभात फेरी निकालेंगे, शादी के निमंत्रण पत्रों पर एमएसपी का जिक्र होगा। दीवारों और ट्रैक्टर की ट्राॅलियों में गांव-गांव एमएसपी, हर घर एमएसपी और फसल हमारी भाव तुम्हारा नहीं चलेगा जैसे स्लोगन लिखे जाएंगे। कुछ राज्यों के संगठनों ने शुरुआत भी कर दी है।
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नवगठित एमएसपी गारंटी किसान मोर्चा के तहत दिल्ली के पंजाब खोड़ गांव में तीन दिन तक चले राष्ट्रीय अधिवेशन में 27 राज्यों से 223 संगठनों के हजारों प्रतिनिधि शामिल हुए। अधिवेशन में तय हुआ है कि 2024 के लोकसभा चुनाव तक गांव-गांव ऐसा माहौल और दबाव बनाया जाएगा ताकि सरकार संसद में इस पर कानून बनाए। अधिवेशन में किसान संगठनों की ओर से किसान नेता वीएम सिंह को मोर्चे का राष्ट्रीय अध्यक्ष और डा. राजाराम त्रिपाठी को राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता चुना गया है। अधिवेशन में एक कोर कमेटी का गठन हुआ, जिसमें पूर्व सांसद राजू शेट्टी, रामपाल जाट, बलराज भाटी, उत्तराखंड सोमदत्त शर्मा, एमपी से दीपक आदि शामिल हुए।
बृहस्पतिवार को कोर कमेटी की बैठक के बाद वीएम सिंह ने कहा कि किसान किसी को दर्द देने या परेशान करने दिल्ली नहीं आता है। उन्होंने कहा मोर्चा के गठन के साथ हम सीधे गांवों में किसानों के बीच माहौल बनाएंगे। ऐसा नहीं होगा कि कुछ किसान नेताओं और सरकार का फायदा हो और जब कोई चाहे आंदोलन समाप्त कर दे।