अधिकारियों ने बताया कि लोनकर ने सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया था और वह 2019 की एमपीएससी की प्रीलिमनरी और मेन परीक्षा पास कर चुका था। उसने 2020 की प्रीलिमनरी परीक्षा भी पास की थी। उसे डर था कि परीक्षा के लिए उसकी उम्र निर्धारित मानक से अधिक हो जाएगी। जानकारी के अनुसार स्वप्निल लोनकर के पिता शनिवार पैठ इलाके में अपनी प्रिंटिंग प्रेस चलाते हैं।
बुधवार को उसके माता-पिता रोज की तरह प्रिंटिंग प्रेस पर गए थे। उनकी बहन भी उस दिन कुछ काम से बाहर गई थी। जब वह दोपहर के बाद वापस आई तो उसे भाई कहीं नहीं दिखा। जब वह उसके कमरे में गई तो स्वप्निल का शव देखा। उसने इसकी जानकारी अपने पिता को दी। बाद में पुलिस को भी बुलाया गया और स्वप्निल को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
सुसाइड नोट में लिखा, यह मेरा खुद का फैसला... माफ कर देना
उसके कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इस नोट में उसने लिखा है, 'एमपीएससी, सब मायाजाल है। इसके झांसे में न पड़ें। आने वाले दिनों में उम्र और बोझ बढ़ता जा रहा है।' उसने लिखा, मेरा आत्मविश्वास लगातार गिरता जा रहा है। मुझे परीक्षा (एमपीएससी प्रीलिमनरी) पास किए हुए दो साल हो गए हैं। पहाड़ जैसा कर्ज खड़ा हो गया है जिसे प्राइवेट नौकरी करके नहीं उतारा जा सकता।
नोट में आगे लिखा है, 'अगर कोविड महामारी नहीं होती तो सारी परीक्षाएं समय पर होतीं और जीवन कुछ अलग होता। मुझे कुछ समय से नकारात्मक विचार आ रहे हैं लेकिन मुझे उम्मीद थी कि कुछ तो होगा। लेकिन अब ऐसा नहीं लगता। मेरी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। यह मेरा खुद का फैसला है। मुझे माफ कर देना।' बता दें कि पुलिस ने इस घटना में एक्सीटेंडल मौत का मामला दर्ज किया है।