प्रदेश के डिंडोरी जिले से पूर्व विधायक ओमप्रकाश धुर्वे को भी सचिव पद पर बरकरार रखा गया है। धुर्वे अनुसूचित जनजाति वर्ग से आते हैं। भाजपा का मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में इस वर्ग पर ज्यादा फोकस है। चार बार विधायक रह चुके धुर्वे 2018 के विधानसभा चुनाव में जबलपुर जिले के शाहपुरा से हार गए थे। वे बाबूलाल गौर, उमा भारती और शिवराज सिंह चौहान की कैबिनेट में मंत्री भी रह चुके हैं। मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए धुर्वे को दोबारा मौका दिया गया है। धुर्वे को मध्यप्रदेश के साथ ही छत्तीसगढ़ और राजस्थान के आदिवासी इलाकों में चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी मिल सकती है।