राष्ट्रपति ने एक समारोह में 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नौ लड़कों एवं 10 लड़कियों को पुरस्कृत किया। ये पुरस्कार असाधारण बहादुरी, कलात्मक कौशल, नवीन सोच और निस्वार्थ सेवा के लिए प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि बच्चे बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। उनमें लगन और मेहनत के बल पर पहचान बनाने की क्षमता है। यह बच्चों की उपलब्धियों का उत्सव मनाने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि अब समाज के सभी लोगों का कर्तव्य है कि वे बच्चों को सही राह दिखाएं।
राष्ट्रपति ने प्रौद्योगिकी के सही ढंग से उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने शैक्षिक और व्यक्तिगत विकास के लिए बच्चों के प्रौद्योगिकी के उपयोग की सराहना की। साथ ही डीपफेक, वित्तीय धोखाधड़ी और बाल शोषण जैसी चिंताओं का जिक्र करते हुए इसके दुरुपयोग के प्रति आगाह किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया संचार और जागरूकता के लिए एक शक्तिशाली उपकरण है, लेकिन इसका दुरुपयोग अफवाहें फैलाने के लिए भी किया जाता है। इसलिए, सतर्क रहना और ऐसी गतिविधियों से बचना जरूरी है क्योंकि एक गलत कदम आपके भविष्य को खतरे में डाल सकता है।
खेलों को अपनाने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि इसके समग्र लाभों में शारीरिक और मानसिक कल्याण, टीम वर्क और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए तैयारी शामिल हैं। मोबाइल, लैपटॉप और टेलीविजन जैसे उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से आज की पीढ़ी के बीच शारीरिक गतिविधियों में गिरावट आई है। इसके परिणामस्वरूप विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं में वृद्धि हुई है। राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर उन्होंने बच्चों को प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सशक्त बनाने और उन्हें नवाचार और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री कल करेंगे संवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाल पुरस्कार से सम्मानित बच्चों से मंगलवार को बातचीत करेंगे। पुरस्कार विजेताओं में आदित्य विजय ब्रम्हणे (मरणोपरांत), अनुष्का पाठक, अरिजीत बनर्जी, अरमान उबरानी, हेतवी कांतिभाई खिमसुरिया, इश्फाक हामिद, मोहम्मद हुसैन, पेंड्याला लक्ष्मी प्रिया, सुहानी चौहान, आर्यन सिंह, अवनीश तिवारी, गरिमा, ज्योत्सना अख्तर, संयम मजूमदार, आदित्य यादव, चार्वी ए, जेसिका नेई सरिंग, लिन्थोई चनंबम और आर सूर्य प्रसाद शामिल हैं।