भारत ने कहा है कि अफगानिस्तान में संप्रभुता, लोकतंत्र और शांति के समर्थन में हमारी दृढ़ नीति है और वह अफगानिस्तान में स्थायी राजनीतिक समाधान के लिए उठाए गए सभी कदमों का समर्थन करेगा। इस मामले पर भारत अफगानिस्तान के बाहर और भीतर सभी अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय पक्षों के साथ संपर्क में हैं।
राज्यसभा में गुरुवार को विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने एक सवाल के लिखित जवाब में कहा, भारत एक समावेशी अफगानों की अगुवाई में अफगान के अधीन और अफगान द्वारा नियंत्रित प्रक्रिया के जरिए स्थायी राजनीतिक समाधान के लिए सभी शांति पहलों का समर्थन करता है, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे।
मुरलीधरन ने कहा कि एक निकटतम पड़ोसी और रणनीतिक साझेदार होने के नाते भारत के पास संप्रभु, लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण अफगानिस्तान के लिए एक स्थायी नीति है, जिससे महिलाओं, बच्चों और अल्पसंख्यकों सहित अफगानी समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा की जाती है। उन्होंने कहा, विदेशमंत्री एस जयशंकर ने सितंबर, 2020 में दोहा में आयोजित एक अंतर-अफगान बातचीत के पहले सत्र में ऑनलाइन हिस्सा लिया था।
गौरतलब है कि अमेरिका ने एक मई से अपने सैनिकों को वापस बुलाना शुरू किया है और उसके बाद तालिबान व्यापक हिंसा के साथ पूरे अफगानिस्तान में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अमेरिका 31 अगस्त तक सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया को पूरा करना चाहता है।