फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लड़ेंगे कोरोना से: दूसरी लहर के दौरान दुनिया हमारी मदद को आगे आई, केंद्र ने राज्यसभा में दी जानकारी

Thu, 29 Jul 2021 03:56 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्र सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा में बताया कि कोविड महामारी की दूसरी लहर के दौरान देश में बनी संकट की स्थिति से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से भारत को पूरा सहयोग मिला। 
विज्ञापन
विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन - फोटो : पीटीआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने राज्यसभा में बताया कि भारत ने स्पूतनिक कंपोनेंट 1 टीके की 31.5 लाख इकाइयां और स्पूतनिक कंपोनेंट 2 टीके की 4.5 लाख इकाइयों का अभी तक आयात किया है। 

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि कोविड महामारी की दूसरी लहर के संकट के दौरान अंतरराष्ट्रीय समुदाय उन विशिष्ट दवाओं और उपकरणों के लिए एकजुटता और सहायता के प्रस्तावों के साथ आगे आया जो उस समय तक हमारे देश में तुरंत उपलब्ध नहीं थे जब तक कि हमारे अपने घरेलू उत्पादन में सुधार नहीं हुआ।
 
मुरलीधरन ने बताया कि अब तक 52 देशों से विदेशी सामग्री प्राप्त हुई है, जो सरकार से सरकार, निजी से सरकार, निजी से निजी, भारतीय समुदाय सहायता और कंपनियों के माध्यम से मिली हैं। अंतर-मंत्रालयी समिति से दान को मंजूरी मिल गई है। इस समिति में स्वास्थ्य मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, नीति आयोग, डीपीआईआईडी, गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल हैं।
विज्ञापन

 

विज्ञापन

अफगानिस्तान में स्थायी राजनीतिक हल का समर्थन करेगा भारत

भारत ने कहा है कि अफगानिस्तान में संप्रभुता, लोकतंत्र और शांति के समर्थन में हमारी दृढ़ नीति है और वह अफगानिस्तान में स्थायी राजनीतिक समाधान के लिए उठाए गए सभी कदमों का समर्थन करेगा। इस मामले पर भारत अफगानिस्तान के बाहर और भीतर सभी अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय पक्षों के साथ संपर्क में हैं।

राज्यसभा में गुरुवार को विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने एक सवाल के लिखित जवाब में कहा, भारत एक समावेशी अफगानों की अगुवाई में अफगान के अधीन और अफगान द्वारा नियंत्रित प्रक्रिया के जरिए स्थायी राजनीतिक समाधान के लिए सभी शांति पहलों का समर्थन करता है, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे। 

मुरलीधरन ने कहा कि एक निकटतम पड़ोसी और रणनीतिक साझेदार होने के नाते भारत के पास संप्रभु, लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण अफगानिस्तान के लिए एक स्थायी नीति है, जिससे महिलाओं, बच्चों और अल्पसंख्यकों सहित अफगानी समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा की जाती है। उन्होंने कहा, विदेशमंत्री एस जयशंकर ने सितंबर, 2020 में दोहा में आयोजित एक अंतर-अफगान बातचीत के पहले सत्र में ऑनलाइन हिस्सा लिया था। 

गौरतलब है कि अमेरिका ने एक मई से अपने सैनिकों को वापस बुलाना शुरू किया है और उसके बाद तालिबान व्यापक हिंसा के साथ पूरे अफगानिस्तान में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अमेरिका 31 अगस्त तक सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया को पूरा करना चाहता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें