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विपक्ष की सरकार को घेरने की तैयारी, रविवार को कई बैठकें

Sun, 16 Jul 2017 08:21 AM IST
संजय मिश्र, नई दिल्ली
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PM MODI - फोटो : ANI
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देश की राजधानी दिल्ली में रविवार को राजनीतिक गतिविधियां तेज रहेंगी। संसद की रणनीति, राष्ट्रपति चुनाव और उपराष्ट्रपति के उम्मीदवार को लेकर रविवार को कई बैठकें होनी हैं। विपक्ष ने पहले ही अपने इरादे जता दिए हैं कि चीन, जम्मू—कश्मीर और जीएसटी के मामले को लेकर वह सरकार को घेरेगी।
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संसद सत्र की शुरूआत से पहले सरकार के रणनीतिकार भी राजग को एकजूट कर लेना चाहते हैं। ताकि सरकार के सामने बनी चुनौतियों का जवाब दिया जा सके। सोमवार को संसद सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति पद का चुनाव होना है। 18 जुलाई को उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन का अंतिम दिन है।

बावजूद उसके सरकार ने अब तक अपने उम्मीदवार के चेहरे से परदा नहीं हटाया है। उम्मीद जताई जा रही है कि रविवार को होने वाली राजग दलों की बैठक में पार्टी अपने उम्मीदवार के नाम को अंतिम रूप देगी।  संसद की रणनीति के लिए देर शाम राजग के फ्लोर नेताओं की बैठक बुलाई गई है।
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विपक्ष के तेवरों के बीच लोकसभा अध्यक्ष की बैठक भी अहम

सोनिया गांधी - फोटो : The Indian Express
इसमें राजग समर्थक सभी 32 दलों के नेताओं को बुलाया गया है। बैठक में राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग और संसद की रणनीति पर चर्चा होगी। परंपरा का निर्वाह करते हुए सत्र शुरू होने से पहले बुलाई जाने वाली बैठक रविवार को ही बुलाई है।

विपक्षी नेताओं से वे सदन को सुचारू रूप से चलाने का आह्वान करेंगी। तो सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने सभी दलों के नेताओं को बैठक के लिए आमंत्रित किया है। उधर चीन और जम्मू—कश्मीर के मामले पर सरकार का रूख जानने के बाद विपक्ष भी केंद्र को घेरने के लिए नए सिरे से रणनीति बनाने में जुटा है।

यही वजह है कि सोमवार से शुरू हो रहे संसद के सत्र से एक दिन पहले राजधानी दिल्ली में बैठकों का रैला रहेगा। संसद सत्र के साथ राष्ट्रपति और उपर​ाष्ट्रपति पद के चुनाव हैं। इसलिए भी सियासी सरगर्मी बढीं हुई है।
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विपक्ष के गांधी दांव से उलझन में भाजपा 

pm modi
विपक्ष के जरिए उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में गोपाल गांधी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद से भाजपा की उलझनें बढी हुई है। गांधी का सीधा विरोध भाजपा की मुश्किलें बढा सकता है। वर्ष के अंत में गुजरात विधानसभा के चुनाव होने हैं।

ऐसे में पार्टी सीधे—सीधे गुजराती व्यक्ति के विरोध से बचना चाहती है। हालांकि लोकसभा और राज्यसभा में भाजपा और राजग दलों को इता बहुमत प्राप्त है कि उम्मीदवार उसका कोई भी हो बडे अंतर से जीत पक्की है। बावजूद उसके अपना उम्मीदवार तय करते वक्त राजनीतिक संदेश की तलाश में है। जैसा उसने राष्ट्रपति उम्मीदवार चयन में कोविंद के जरिए दलितों के बीच संदेश दिया है। 
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