गुजरात में मोरबी पुल हादसे मामले में सरकार ने ओरेवा कपंनी के प्रमोटर जयसुख पटेल की अंतरिम जमानत याचिका का शनिवार को विरोध किया। जयसुख पटेल ने हादसे के मृतकों के परिवारों और घायल हुए 56 लोगों को मुआवजा देने के लिए विभिन्न औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए 15 से 20 दिनों के लिए जमानत की मांग की थी। हालांकि, सरकार ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए उनकी उपस्थिति की आवश्यकता नहीं है।
बता दें, गुजरात उच्च न्यायालय ने 22 फरवरी को ओरेवा कंपनी को हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 10 लाख रुपये व घायलों को दो लाख रुपये मुआवजा चार सप्ताह के भीतर देने का निर्देश दिया था।
कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला
इस मामले में शनिवार को हुई सुनवाई के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीसी जोशी की अदालत ने पटेल की अंतरिम जमानत याचिका पर अपना फैसला सात मार्च के लिए सुरक्षित रख लिया है। बता दें, मोरबी पुलिस हादसे में पुलिस ने जयसुख पटेल के साथ 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। वर्तमान में सभी आरोपी जेल में बंद हैं। पटेल, को विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा दायर चार्जशीट में एक आरोपी बनाया गया है।
135 लोगों की हुई थी मौत
बता दें, मोरबी पुल हादसे में 135 लोगों की मौत हो गई थी, तो कई लोग घायल हो गए थे। एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक जांच में पाया था कि पुल के एक केबल पर लगभग आधे तारों पर जंग लगी थी और पुराने सस्पेंडर्स को लगाया गया था, जिस कारण पुल बोझ सहन नहीं कर सका और गिर गया।