दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 अक्तूबर की सामान्य तारीख के चार दिन बाद गुरुवार को भारत से वापस लौट गया है। आईएमडी ने एक बयान में कहा, दक्षिण-पश्चिम मानसून 19 अक्टूबर को देश के शेष हिस्सों से भी पूरी तरह लौट जाएगा।
दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 अक्तूबर की सामान्य तारीख के चार दिन बाद गुरुवार को भारत से वापस लौट गया है। इसकी जानकारी भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दी। मौसम विभाग ने कहा मानसून 25 सितंबर को देश से हटना शुरू हुआ था। आईएमडी ने एक बयान में कहा, दक्षिण-पश्चिम मानसून 19 अक्टूबर को देश के शेष हिस्सों से भी पूरी तरह लौट जाएगा।
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वहीं बयान में कहा गया कि दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में पूर्वी/उत्तरपूर्वी हवाओं के शुरू होने के साथ अगले तीन दिनों में इस क्षेत्र में पूर्वोत्तर मानसून वर्षा गतिविधि शुरू होने की संभावना है। हालांकि, सामान्य तौर पर पूर्वोत्तर मानसून का शुरुआती चरण कमजोर रहने की संभावना है।
आईएमडी ने कहा कि सकारात्मक कारकों हिंद महासागर डिपोल (आईओडी) और मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन (एमजेओ) ने अल नीनो स्थितियों के कारण हुई कुछ कमी को कम किया और लगभग सामान्य वर्षा हुई। 2023 से पहले, भारत में लगातार चार वर्षों तक मानसून के मौसम में सामान्य और सामान्य से ऊपर वर्षा दर्ज की गई थी।
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क्या है एल नीनो?
एल नीनो स्थितियां दक्षिण अमेरिका के पास प्रशांत महासागर में पानी का गर्म होना, भारत में कमजोर मानसूनी हवाओं और शुष्क परिस्थितियों से जुड़ी हैं। आईओडी को अफ्रीका के पास हिंद महासागर के पश्चिमी हिस्सों और इंडोनेशिया के पास महासागर के पूर्वी हिस्सों के बीच समुद्र की सतह के तापमान में अंतर से परिभाषित किया गया है।
आमतौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून एक जून तक केरल में अपनी शुरुआत करता है और आठ जुलाई तक पूरे देश को फैल जाता है। यह 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत से पीछे हटना शुरू कर देता है और 15 अक्टूबर तक पूरी तरह से वापस आ जाता है।