सांसदों के साथ चर्चा करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
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संसद के मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच मुख्य रूप से कोरोना की दूसरी लहर और पेट्रोलियम पदार्थों की महंगाई पर तीखी सियासी मुठभेड़ होगी। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार को देर रात तक चली मंत्रिपरिषद की बैठक में इन मुद्दों पर बचाव की जगह विपक्ष पर पलटवार की रणनीति बनी। पीएम ने खासतौर से स्वास्थ्य, पेट्रोलियम और वित्तमंत्री को विपक्षी हमलों का तथ्यपरक जवाब देने के लिए पूरी तैयारी करने का निर्देश दिया।
विपक्ष ने सत्र के दौरान कोरोना की दूसरी लहर के कारण हुए जानमाल के नुकसान और पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। जबकि सरकार ने कोरोना की दूसरी लहर के दौरान विपक्ष शासित राज्यों में बरती गई लापरवाही, टीके के संदर्भ में फैलाए गए भ्रम, पीएम केयर्स फंड से मिले वैंटिलेटर का उपयोग न होने जैसे मामले को उठा कर विपक्ष पर हमला बोलने की तैयारी की है। इसी तरह पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों के मामले में भी सरकार ने राज्यों द्वारा वसूले जा रहे भारी कर को जवाबी हथियार बनाने की योजना तैयार है।
इस दौरान पेट्रोलियम मंत्री बताएंगे कि राज्यों को इस बढ़ोतरी के दौरान कितना राजस्व हासिल हुआ और कौन से ऐसे राज्य हैं जो पेट्रोल-डीजल पर अपने करों का अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं। सरकार यह भी बताएगी कि उसने उज्ज्वला समेत अन्य योजनाओं के माध्यम से गरीब परिवारों को कितना लाभ पहुंचाया है।
पीएम ने दिया आत्मविश्वास का मंत्र
बैठक में पीएम ने मंत्रियों को आत्मविश्वास के साथ पूरी तैयारी करने का मंत्र दिया। पीएम ने कहा, विपक्षी हमले का तथ्यपरक और पूरे आत्मविश्वास से जवाब दें। उन्होंने खासतौर पर वित्त, पेट्रोलियम और स्वास्थ्य मंत्री को विशेष तैयारी करने का निर्देश दिया। राज्य मंत्रियों को भी कैबिनेट मंत्रियों और मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरी जानकारी रखने का निर्देश दिया।
सत्र से पहले एनडीए संसदीय दल की बैठक
सत्र से पहले विपक्षी हमले का जवाब देने के लिए रविवार को एनडीए के सहयोगी दलों की बैठक होगी। इसी दिन भाजपा संसदीय दल की बैठक भी है। राजग की बैठक में भी सरकार विपक्षी हमले का जवाब देने की रणनीति तैयार करेगी। जबकि संसदीय दल की बैठक में सांसदों को कोरोना, महंगाई सहित अन्य मुद्दों पर सरकार की ओर से तथ्य उपलब्ध कराए जाएंगे।