मानसून सत्र(Monsoon Session) के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने राज्यसभा सदस्यों के उच्च सदन से निलंबन को लेकर मंगलवार को नरेंद्र मोदी सरकार(Modi Govt) पर निशाना साधा है। टीएमसी ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने संसद को 'गहरे अंधेरे कक्ष' में बदल दिया है। टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि भारत में लोकतंत्र को निलंबित कर दिया गया है (Democracy suspended in India)और संसद को एक गहरे, अंधेरे कक्ष में बदल दिया गया है।
दरअसल, राज्यसभा में हंगामा करने वाले सांसदों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। टीएमसी सांसद सुष्मिता देव, डॉ शांतनु सेन और डोला सेन सहित राज्यसभा के 19 विपक्षी सांसदों को कदाचार करने के आरोप में एक सप्ताह के लिए निलंबित कर दिया गया है। इन सभी पर सदन के वेल में प्रवेश करने और नारेबाजी करने का आरोप है।
'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद से डरते हैं'
राज्यसभा में टीएमसी के नेता ओ ब्रायन ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी संसद से 'डरते' हैं। उन्होंने कहा कि "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद से डरते हैं। मैं उनसे संसद में आकर एक सवाल का जवाब देने के लिए कहता हूं।' इतना ही नहीं, टीएमसी नेता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री हर गुरुवार को आधे घंटे के लिए संसद आते हैं और इसे 'गुजरात जिमखाना' मानते हैं।
उनकी इस टिप्पणी के बाद 19 विपक्षी सदस्यों को 'अनियंत्रित व्यवहार' के आधार पर शेष मानसून सत्र के लिए राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया था। निलंबित सदस्यों में सात टीएमसी और छह डीएमके के हैं।
कल लोकसभा के चार सांसद किए गए थे निलंबित
वहीं इससे पहले बीते सोमवार को कांग्रेस के चार सासंदों को निलंबित कर दिया गया था। कांग्रेस सांसद जोतिमणि, राम्या हरिदास, मणिकम टैगोर, टीएन प्रतापन को निलंबित किया गया था। कल और आज के निलंबन को मिलाकर सरकार के खिलाफ विपक्ष के विरोध के बीच अब संसद के दोनों सदनों में मॉनसून सत्र की कार्यवाही के दौरान 23 सांसदों के शामिल होने पर रोक लगा दी गई है।