उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून की दस्तक के साथ ही जमकर बारिश हुई। वहीं, असम में बाढ़ से एक और व्यक्ति की मौत हो गई है। राष्ट्रीय राजधानी में भी बुधवार को मानसून का आगाज हो गया।
मौसम विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा, मानसून के बादल दिल्ली पहुंच चुके हैं। कुछ जगहों पर बारिश भी हुई। आईएमडी के क्षेत्रीय प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया, आमतौर पर दिल्ली में मानसूनी हवा 27 जून को पहुंचती है लेकिन इस बार तीन दिन पहले ही इसकी शुरुआत हो चुकी है। उधर, असम में बाढ़ से 5 जिलों के 38,000 लोग प्रभावित हैं। बुधवार को शिवसागर जिले में एक व्यक्ति की मौत के साथ ही बाढ़ में मरने वालों की संख्या 12 हो गई है।
चंडीगढ़ मौसम विभाग के मुताबिक, पंजाब और हरियाणा के उत्तरी हिस्सों में भी मानसून पहले पहुंच चुका है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। इन राज्यों में अमूमन जुलाई के पहले हफ्ते में मानसून पहुंचता है। हिमाचल में आठ जबकि जम्मू-कश्मीर में 11 दिन पहले मानसून पहुंचा। उत्तराखंड में बारिश के कारण भूस्खलन के चलते बदरीनाथ और यमुनोत्री हाईवे सहित कई मार्ग बंद हो गए।
बिहार में एनडीआरएफ की 13 टीमें तैनात
बिहार में बाढ़ से निपटने के लिए एनडीआरएफ की 13 टीमों को तैनात किया गया है। एनडीआरएफ कमांडेंट विजय सिन्हा ने बताया कि एनडीआरएफ बिहटा और पटना की 9वीं कोर की टुकड़ियों को कटिहार, अररिया, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, मोतिहारी, बेतिया, नालंदा, छपरा, पटना और बक्सर जिलों में तैनात किया गया है।