दक्षिण पश्चिम मानसून छह दिन पहले शुक्रवार को पश्चिम बंगाल पहुंच गया है। जिसके कारण यहां बारिश शुरू हो गई। मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों तक तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
दक्षिण पश्चिम मानसून तय समय से छह दिन पहले ही शुक्रवार को पश्चिम बंगाल पहुंच गया। मौसम विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि मानसून ने इस क्षेत्र के कई हिस्सों को अपनी जद मे ले लिया है।
विज्ञापन
मानसून के पश्चिम बंगाल के उत्तरी क्षेत्र में 5 जून और राज्य के दक्षिणी हिस्से में लगभग 9 जून तक पहुंचने का अनुमान था।
रेमल साइक्लोन है जल्दी मानसून आने का कारण
मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मानसून के राज्य में जल्दी पहुंचने का कारण रेमल साइक्लोन हो सकता है। साइक्लोन की तेज हवाओं के कारण मानसून बंगाल की खाड़ी के तट पर जल्दी पहुंच गया। इसलिए मानसून पश्चिम बंगाल के दक्षिण क्षेत्र में पहुंच गया है।
अगले पांच दिनों तक इन जिलों में होगी भारी बारिश
मौसम विभाग का अनुमान है कि पश्चिमी बंगाल के उप हिमालयी क्षेत्र के कूचबिहार, जलपैगुरी, अलीपुरद्वार, कलिम्पोंग और दार्जिलिंग जिलों में अगले पांच दिनों में भारी बारिश की संभावना है। शुक्रवार को उत्तरी बंगाल के जिन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बारिश हुई उनमें अलीपुरद्वार (45 मिमी), जलपैगुरी (43 मिमी), कूच बिहार (28 मिमी) बारिश रिकॉर्ड की गई।
विज्ञापन
गरज-चमक के साथ बारिश और तूफान की संभावना
मौमस विभाग ने अगले तीन दिनों तक गरज चमक के साथ बारिश और तेज तूफान की संभावना जताई है। जिसमें दक्षिण बंगाल के कोलकता सहित अन्य जिले प्रभावित रहेंगे।
बारिश के कारण तापमान में आई गिरावट
शुक्रवार को मानसून के पश्चिम बंगाल पहुंचने के बाद कई जिलों में तापमान में गिरावट देखने को मिली। कोलकता में 65 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई जिसके कारण यहां का तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो कि मानसून आने के पहले 30 डिग्री तक था।