केरल में मानसून ने दस्तक दे दी है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के केरल पहुंचने की स्थितियां कुछ दिन पहले ही बननी शुरू हो गई थीं। इससे राज्य में तीन दिनों से प्री-मानसूनी बारिश जारी है। राज्य में तेज हवाओं के साथ बारिश जारी है। हालांकि मानसून इस बार तय समय से तीन दिन देरी से पहुंचा है। मॉनसून तेजी के साथ आगे बढ़ेगा। ये अगले सात दिनों में तीन दिन की भरपाई भी कर लेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, इस बार मानसून सामान्य से अच्छा रहेगा। केरल में बारिश में तेजी है। दक्षिण अरब सागर के निचले स्तरों में पछुआ हवाएं चलने से मौसम ठंडा बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून केरल के बाद आगे बढ़ेगा। 11 जून को महाराष्ट्र व तेलंगाना में मानसून आने की संभावना है। 12 जून को पश्चिम बंगाल और 13 जून को ओडिशा में पहुंच सकता है। इसके बाद मानसून झारखंड और बिहार की ओर रुख करेगा। झारखंड में 14 जून को मानसून आने के आसार है।
वहीं 16 जून को मानसून बिहार और छत्तीसगढ़ में प्रवेश करेगा। 20 जून को मानसून उत्तराखंड और मध्यप्रदेश में दस्तक देगा। उत्तर प्रदेश में इस बार 23 जून को मानसून आने की संभावना है। 26 जून को मानसून गुजरात पहुंच सकता है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और हरियाणा में 27 जून को मानसून आने की संभावना है। दिल्ली के बाद मानसून का रुख पंजाब की ओर होगा। यहां 28 मई तक आने की संभावना व्यक्त की जा रही है। अंत में 29 जून को मानसून राजस्थान पहुंच सकता है।
मौसम विभाग के मुताबिक जून से सितंबर के बीच उत्तर पश्चिम भारत यानी पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान के कुछ इलाकों में 108 फीसदी तक बारिश होने की संभावना है। वहीं, दक्षिण भारत यानी केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गोवा ओडिशा में 93 से 107 फीसदी वर्षा के होने का पूर्वानुमान है जो कि सामान्य है।
जबकि दिल्ली-एनसीआर में इस बार जुलाई के पहले सप्ताह में मॉनसून के आने की उम्मीद जताई जा रही है। पिछले माह निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर ने दिल्ली में जून के आखिर तक मॉनसून का पूर्वानुमान व्यक्त किया था। स्काइमेट के अनुसार सितंबर के महीने में दिल्ली में अच्छी-खासी बारिश हो सकती है।