राजस्थान में बाढ़ जैसे हालात
राजस्थान के कई जिलों में बीते 24 घंटों में हुई भारी बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। बारिश के कारण अजमेर, पुष्कर, बूंदी, सवाई माधोपुर और पाली जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। टोंक जिले के गोलरा गांव में 17 लोग बानस नदी में फंस गए थे, जिन्हें एसडीआरएफ ने सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं अजमेर की अना सागर झील ओवरफ्लो हो गई है, लोग रेत से भरे बोरे रखकर पानी को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। सबसे ज्यादा बारिश बूंदी जिले के नैनवा में 234 मिमी, नागौर के मेड़ता शहर में 230 मिमी, और अजमेर के मंगल्या वास में 190 मिमी रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार, जोधपुर डिवीजन में आज भी भारी बारिश की संभावना है, जबकि जयपुर, कोटा और बीकानेर में बारिश की तीव्रता में कमी आएगी। 27-28 जुलाई को पूर्वी राजस्थान में फिर से भारी बारिश लौट सकती है।
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हिमाचल प्रदेश में भी ऑरेंज अलर्ट
वहीं, हिमाचल प्रदेश के नौ जिलों में सोमवार और मंगलवार को भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। इसमें हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन, और सिरमौर जिले शामिल हैं। बारिश और लैंडस्लाइड समेत तमाम घटनाओं के कारण राज्य में अब तक 141 सड़कें बंद, 58 जल आपूर्ति योजनाएं और 28 पावर ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। इस कड़ी में मंडी जिले में 94 और कुल्लू में 33 सड़कें बंद हैं।
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केरल में उत्तर जिलों में रेड अलर्ट
केरल के मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों और जलाशयों के पास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की तैयारी हो चुकी है। वहीं, कोझिकोड और वायनाड में शुक्रवार रात भारी बारिश हुई, शनिवार सुबह थोड़ी राहत मिली। जबकि अन्य जिले जैसे एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर और पलक्कड़ के लिए ऑरेंज अलर्ट है।
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अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में भूस्खलन से जनजीवन बाधित
अरुणाचल प्रदेश के लोअर सियांग जिले में लगातार बारिश से कई जगहों पर सड़क संपर्क टूट गया है। जानकारी के मुताबिक, आलो-लिकाबाली सड़क कई स्थानों पर भूस्खलन से बंद हो गई है। एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग एवं ढांचा विकास निगम) को मलबा हटाने में परेशानी हो रही है क्योंकि इलाके में लगातार बारिश हो रही है। उधर, सिक्किम और पश्चिम बंगाल के बीच नेशनल हाईवे-10 पर भी भूस्खलन और पत्थर गिरने से यातायात रुका हुआ है। कालिम्पोंग जिले के बिरिक दारा में मलबा हटाने का कार्य जारी है, उम्मीद है कि 24 घंटे में रास्ता साफ हो जाएगा।