देश में जहां बारिश ने कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई हुई है। वहीं कई हिस्से ऐसे भी हैं जहां या तो सूखा पड़ा है या फिर सामान्य से भी कम बारिश हुई है। अगर बारिश से मची भारी तबाही की बात करें तो केरल की स्थिति दयनीय है । यहां बीते 24 घंटे में बारिश और भूस्खलन से 26 मौतें हो चुकी हैं। इनमें 11 लोग इडुक्की जिले के हैं। मलबे से दो लोगों को जिंदा निकाला गया है। वहीं अमेरिका ने आज एक परामर्श जारी कर अपने नागरिकों से कहा कि वह बारिश और बाढ़ से जूझ रहे केरल की यात्रा पर जाने से बचें।
वही दूसरी तरफ मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक 21 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, झारखंड, बिहार, पश्चिमी बंगाल, सिक्किम, मध्यप्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और अंडमान निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं।
केरल में 24 घंटे में 37% ज्यादा बारिश हुई है। औसतन 13.9 मिमी बारिश होनी थी पर 66.2 मिमी हुई। बचाव कार्य में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आर्मी, नेवी और कोस्टगार्ड के जवानों को तैनात किया गया है। बंगलूरू से सेना की टुकड़ी भेजी गई है। मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने स्थिति को 'काफी विकट' करार दिया है।
अधिकारियों के मुताबिक राहत अभियान में प्रशासन का सहयोग करने के लिए सेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रया बल को इडुक्की, कोझिकोड, वायनाड और मलप्पुरम जिले के प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है। राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के सूत्रों के अनुसार बारिश से होने वाली घटनाओं में 26 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें से 17 की मौत इडुक्की और मलपुरम जिलों में भूस्खलन के कारण हुई है।