फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

झमाझम बारिश के साथ केरल, पूर्वोत्तर में मानसून ने दी दस्तक

Tue, 30 May 2017 11:16 PM IST
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट
विज्ञापन
विज्ञापन
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की भविष्यवाणी एक बार फिर सच साबित हुई है। भारतीय उपमहाद्वीप में मौसमी बारिश लाना वाला दक्षिण पश्चिमी मानसून झमाझम बारिश के साथ अपने निर्धारित समय से दो दिन पहले ही मंगलवार को केरल एवं पूर्वोत्तर पहुंच गया है। आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में कहा था कि दक्षिण पश्चिम मॉनसून मंगलवार को केरल में दाखिल हो सकता है।
विज्ञापन


बता दें कि केरल तट पर मानसून सामान्यत: एक जून को पहुंचता है। पिछले साल केरल में यह आठ जून को पहुंचा था। केरल तट पर इसके पहुंचने के साथ ही देश में मानसून का आधिकारिक आगमन हो जाता है।

आईएमडी के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में मोरा के आगे बढ़ने की वजह से दूरदराज के पूर्वोत्तर राज्यों त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश हुई है। केरल में बीते दो दिनों से भारी बारिश हो रही है और अब मानसून के पहुंचने से इसके आगे भी जारी रहने के आसार हैं।
विज्ञापन


आईएमडी ने बताया कि मंगलवार को ही मानसून बांग्लादेश और म्यांमार भी पहुंचा। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में यह बीते 14 मई को ही अपने निर्धारित समय से तीन दिन पहले पहुंच गया था।

असम, मेघालय अंडमान द्वीप समूह और पश्चिम बंगाल से लगे तटीय इलाकों में मौसम खराब रहने का अनुमान है। श्रीलंका में इसने बड़ी तबाही मचाई है जिसमें अब तक करीब 200 लोगों की जान जा चुकी है।
विज्ञापन

किसानों के चेहरे खिले, इस बार अधिक बारिश की उम्मीद

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक केजे रमेश ने बताया कि चक्रवात ‘मोरा’ के कारण मानसून समय से पहले पहुंचा है। हालांकि ‘मोरा’ भारत के दक्षिण-पश्चिम मानसून पैटर्न से स्वतंत्र है।

उन्होंने कहा कि देश में इस बार अधिक मानसूनी बारिश की संभावना है। उल्लेखनीय है कि अप्रैल के अपने पहले अनुमान में आईएमडी ने औसत 96 फीसदी बारिश की भविष्यवाणी की थी।

किसानों के चेहरे खिले अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति
आईएमडी के मुताबिक बारिश के लिहाज से मानसून की तीव्रता, क्लाउड कवर और हवाओं की गति संतोषजनक है। उम्मीद है कि जल्द ही यह सूखाग्रस्त तमिलनाडु सहित देश के दूसरे राज्यों में प्रवेश कर जाएगा।

मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि भारत में वर्ष 2011 के बाद से पहली बार मानसून के समय से पहले पहुंचने के कारण दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ रही भारतीय अर्थव्यवस्था के कृषि क्षेत्र को जोरदार मजबूती मिलेगी। मौसम विभाग के इस अनुमान से किसानों में खुशी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें