मंकीपॉक्स संक्रमण में त्वचा पर दाने की समस्या
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मंकीपॉक्स जानवरों से मनुष्यों में प्रसारित होने वाला वायरस है। इसके लक्षण चेचक जैसे ही हैं लेकिन चेचक की तुलना में कम गंभीर है। वायरस के दो आनुवंशिक समूह हैं - सेंट्रल अफ्रीकन (कांगो बेसिन) क्लैड और वेस्ट अफ्रीकन। कांगो बेसिन क्लैड को ज्यादा गंभीर माना जाता है। इसका असर काफी तेज होता है।
मंकीपॉक्स के लक्षण दो से चार सप्ताह तक दिखाई दे सकते हैं...बुखार, सिरदर्द, लाल चकत्ते, गले में खराश, खांसी और सूजी हुई लिम्फ नोड्स इत्यादि की परेशानी हो सकती है। शरीर पर घाव हो सकते हैं जो दो से चार सप्ताह तक रह सकते हैं।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, पुरुषों से यौन संबंध वाले पुरुषों में संक्रमण अधिक देखने को मिल रहा है। एक अध्ययन के अनुसार, यूरोप में 98% मरीज समलैंगिक या उभयलिंगी पुरुष मिले हैं।
नहीं। मंकीपॉक्स पहली बार 1970 में कांगो में मिला था। कांगो बेसिन के ग्रामीण व मध्य, पश्चिम अफ्रीका में मामले मिले। इसके बाद 11 अफ्रीकी देशों में संक्रमण के मामले मिले। अफ्रीका के बाहर पहला मंकीपॉक्स संक्रमित अमेरिका में 2003 में मिला।
2018, 2019, 2021 और 2022 में नाइजीरिया से इजरायल और यूनाइटेड किंगडम जाने वाले यात्रियों में यह संक्रमण मिला। इस साल मई में 75 देशों में 16 हजार से
ज्यादा संक्रमित मिले, जबकि 5 की मौत हो चुकी है।