दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद ईडी की जांच के दायरे पर लगातार बात हो रही है। मुख्यमंत्री जैसी संवैधानिक कुर्सी और इस पद के सामाजिक सियासी रसूख पर भी बात हो रही है। केरल के मुख्यमंत्री पिनारई विजयन के खिलाफ ईडी की जांच की अटकलों पर सरकार में मंत्री मोहम्मद रियास ने कहा कि केरल की जनता राजनीतिक रूप से जागरूक है।
केरल में मुख्यमंत्री पिनारई विजयन की सरकार के कार्यकाल में भी कथित तौर पर घोटाले हुए हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि सीएम विजयन के संरक्षण में गंभीर आर्थिक अपराध हुए हैं। विपक्ष विजयन समेत सत्ताधारी सीपीआईएम के कई नेताओं की भूमिका की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग कर रहा है। दो दिन पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी और 28 मार्च तक ईडी की हिरासत में रहने की खबर आने के बाद केरल में ईडी की भूमिका पर भी बात होने लगी है।
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क्या ससुर के खिलाफ ईडी की जांच? मुख्यमंत्री के दामाद ने कही यह बात
विजयन के खिलाफ ईडी की जांच से एक सवाल पर केरल सरकार में मंत्री और सीएम के दामाद मोहम्मद रियास ने कहा है कि केरल की जनता राजनीतिक रूप से काफी जागरूक है। सीएम केजरीवाल के खिलाफ कार्रवाई की पृष्ठभूमि में सत्तारूढ़ सीपीआईएम के खिलाफ प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दलों के हमलों और 'विजयन को भी केंद्रीय एजेंसियों की जांच का सामना करना पड़ेगा' जैसे बयानों पर पीडब्ल्यूडी मंत्री रियास ने कहा, राज्य के लोग राजनीतिक रूप से बेहद जागरूक हैं। ऐसे में क्या ईडी इस दक्षिणी राज्य में भी आएगी? यह देखने वाली बात होगी।
कांग्रेस पार्टी पर केजरीवाल मामले में दोहरा मानदंड अपनाने के आरोप
रियास ने कहा कि दिल्ली के सीएम की गिरफ्तारी से साफ हो चुका है कि केंद्र राष्ट्रीय जांच एजेंसियों का 'राजनीतिक उपकरण' के रूप में दुरुपयोग कर रहा है। उन्होंने सीएम केजरीवाल के मुद्दे पर ईडी की कार्रवाई पर 'दोहरा मानदंड' अपनाने के लिए कांग्रेस पार्टी की भी आलोचना की। यह भी दिलचस्प है कि सियासी बयानबाजी के बीच भाजपा केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन करने के लिए सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाली एलडीएफ और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ की जमकर आलोचना की है।