संसद में लाए गए किसानों से जुड़े कृषि बिलों का विरोध तेज हो गया है। कांंग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा, किसान का मोदी सरकार से विश्वास उठ चुका है, क्योंकि शुरू से प्रधानमंत्री मोदी की कथनी और करनी में फर्क रहा है।
राहुल ने ट्वीट किया, नोटबंदी, गलत जीएसटी और डीजल पर भारी टैक्स है। जागृत किसान जानता है कि कृषि बिल से मोदी सरकार अपने मित्रों का व्यापार बढ़ाएगी और किसान की रोजी-रोटी पर वार करेगी। गौरतलब है कि कृषि बिलों का विरोध करते हुए केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने बृहस्पतिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। राष्ट्रपति ने शुक्रवार को उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया।
खाद्य सुरक्षा प्रणाली के स्तंभों को चुनौती देते हैं बिल: चिदंबरम
नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने कहा, कृषि सुधार बिल देश की खाद्य सुरक्षा प्रणाली के स्तंभों को चुनौती देते है। पंजाब और हरियाणा के किसान इसके विरोध में सडक़ों पर हैं। यह सरकार और जनता के बीच की दूरी दिखाता है। यह दर्शाता है कि राज्यों से परामर्श नहीं किया गया। बिल खाद्य सुरक्षा प्रणाली के तीन स्तंभों न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), सार्वजनिक खरीद और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को चुनौती देते हैं।
यह तो हमारे घोषणापत्र में था: संजय झा
विधेयकों पर कांग्रेस के भारी विरोध के बीच पार्टी के पूर्व प्रवक्ता संजय झा ने कहा कि 2019 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के घोषणापत्र में हमने एमपीएमसी अधिनियम खत्म करने और कृषि उपज को प्रतिबंध के मुक्त रखने का वादा किया था। यह काम मोदी सरकार ने किया है। इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस एकमत हैं। कांग्रेस से निलंबित झा ने कहा कि कृषि विधेयक बिचौलियों को खत्म करते हैं।
सरकार अमीरों के हाथ गिरवी रखना चाहती है खेती: अखिलेश
लखनऊ। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार खेती को अमीरों के हाथों गिरवी रखने के लिए दमनकारी बिल लाई है। अखिलेश ने ट्वीट किया, ये खेतों की मेड़ तोडऩे का षडयंत्र है और साथ ही एमएसपी सुनिश्चित करने वाली मंडियों के धीरे-धीरे खात्मा का भी। भविष्य में किसानों की उपज का उचित दाम भी छिन जाएगा और वो अपनी ही जमीन पर मजदूर बन जाएंगे।
किसान विरोधी हैं कृषि बिल: दिग्विजय
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि कृषि से जुड़े बिल किसान विरोधी हैं। कांग्रेस सरकार किसानों के हितों के लिए एपीएमसी कानून बनाया था, लेकिन अब किसान विरोधी कानून के तहत कोई भी बड़ा व्यापारी मंडी खोल सकता है और किसी भी विवाद को सुलझाने के लिए वहां अधिकारी होंगे। सरकार द्वारा लाए गए सभी कृषि बिलों को समग्र तरीके से देखा जाना चाहिए।
बसपा कृषि बिलों से सहमत नहीं : मायावती
संसद में किसानों से जुड़े दो बिल, उनकी सभी शंकाओं को दूर किए बिना ही पास कर दिए गए। हमारी पार्टी इस बिल से कतई सहमत नहीं है। पूरे देश का किसान क्या चाहता है, इस ओर केंद्र सरकार जरूर ध्यान दे तो बेहतर होगा।
- मायावती, बसपा प्रमुख
किसानों पर पड़ेगा बुरा असर: तेजस्वी
मैं पहले से कहा रहा हूं कि भाजपानीत एनडीए सरकार किसान, मजदूर और गरीब विरोधी है। ये लोग जबरन किसानों पर कृषि बिल थोपना चाहते हैं। संसद में लाए गए बिल पूरी तरह से किसान विरोधी हैं। इसका किसानों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। -
तेजस्वी यादव, राजद नेता