केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि मुसलमानों का भरोसा जीतने के लिए मोदी सरकार को बहुत काम करना पड़ेगा, क्योंकि ‘पिछले 70 सालों में उनके दिमाग में जहर भर दिया गया है।’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य दलों को हमेशा यह लगा कि मुसलमान मजबूरी वश उन्हें ही वोट देंगे, इसलिए उन दलों ने उनके विकास और सशक्तीकरण के बारे में कभी नहीं सोचा।
'पिछले 70 सालों में इनके दिमाग में भाजपा के खिलाफ जहर भर दिया गया है'
नकवी ने कहा कि 2019 में चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा सरकार को मुसलमानों को उनके विकास के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं की याद दिलानी होगी। खासकर ‘तीन तलाक’ के खिलाफ किए गए सरकार के प्रयास की याद। मालूम हो कि हाल ही में मंत्री ने इफ्तार की पार्टी दी थी, जिसमें ‘तीन तलाक’ से पीड़ित कुछ महिलाओं ने भी शिरकत की थी।
नकवी ने कहा कि भाजपा के खिलाफ मुसलमानों के दिमाग में जो नफरत भरी गई है, उसे निकालने के लिए हमें बहुत काम करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हालांकि अच्छी बात यह है कि नई पीढ़ी और महिलाएं भाजपा को उसकी अच्छाई और बुराई की कसौटी पर परख रही है।
कैराना उपचुनाव में भाजपा की हार पर नकवी ने कहा कि इससे पार्टी के विजय अभियान पर असर नहीं पड़ेगा, लेकिन आम चुनाव में भाजपा को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना होगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने मुसलमानों के ‘सम्मान’ के लिए कई कदम उठाए हैं। वोट देना या न देना उनका लोकतांत्रिक हक है। भाजपा कभी वोटों के पीछे नहीं भागती।