केंद्र सरकार ने संसद में शुक्रवार को बताया कि 2014 से 2021 के बीच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने 4.28 करोड़ फर्जी राशन कार्ड रद्द किए हैं। राज्यसभा में लिखित जवाब में खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि खाद्य कानून के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली की संचालन संबंधी जिम्मेदारियां राज्य सरकारों की होती है।
इन जिम्मेदारियों के तहत राज्यों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र लाभार्थियों और घर-परिवारों की पहचान करनी होती है। इसके अलावा योग्यता के तहत उन्हें राशन कार्ड जारी करने और राशन की दुकानों से अनाज बांटने की जिम्मेदारी भी राज्यों की ही होती है।
NFSA के तहत राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को समय-समय पर राशन कार्ड धारकों की लिस्ट की समीक्षा करनी होती है। ताकि अयोग्य लोगों या डुप्लीकेट और फर्जी राशन कार्ड्स धारकों को सत्यापन के बाद हटाया जा सके। इन्हीं तरीकों से राज्यों ने 4.28 करोड़ फर्जी राशन कार्ड्स को पिछले 10 साल में रद्द कर दिया है।