वरिष्ठ पत्रकार प्रिया रमानी ने एक मुहिम शुरू की थी और इसे 20 महिलाओं के दुस्साहस ने केंद्र सरकार में विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर के इस्तीफे तक पहुंचा दिया। हालांकि ये महिलाएं एमजे अकबर द्वारा अपने साथ की गई यौन उत्पीड़न जैसी बदसलूकी के कई बरस बीत जाने के बाद सामने आई। प्रिया रमानी कॉस्मोपालिटन की एडिटर, इंडिया टूडे, इंडियन एक्सप्रेस, द मिंट जैसे अखबार में फीचर एडिटर के पद पर काम कर चुकी हैं।
रमानी ने बेहद सूझ-बूझ से अपने मामले को आगे बढ़ाया। वह एमजे अकबर द्वारा मानहानि का दावा करने के बाद भी नहीं झुकीं। एमजे अकबर द्वारा कानूनी दावा करने के बाद तुषिता पटेल सामने आईं और बुधवार 17 अक्टबूर को 20 महिलाएं अकबर के खिलाफ गवाही देने के लिए सामने आ गईं।
गवाही देने को तैयार 20 महिला पत्रकार
मी टू कैंपेन के तहत गवाही देने के लिए सामने आने वाली महिलाओं में मीनल बघेल, मनीषा पांडे, तुषिता पटेल, कणिका गहलोत, सुपर्णा शर्मा, रमोला तलवार, बादाम होइहनु हौजल, आयशा खन, कुशलरानी, कनीजा गजारा, मालविका बनर्जी, एटी जयंती, हमीदा पार्कर, जोनाली बुरागोहन, मीनाक्षी कुमार, सुजाता दत्ता सचदेवा, रेशमी चक्रवर्ती, किरण मनराल, संजरी चटर्जी प्रमुख हैं।