केंद्र सरकार ने पिछले चार साल में 700 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में से सिर्फ 40 फीसदी कार्य ही पूरा किया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, देश में चल रही परियोजनाओं की समीक्षा करने के लिए दो दिवसीय बैठक में 2019 तक 300 से अधिक परियोजनाओं की पहचान की गई, जो वित्तीय वर्ष 2018-19 में सबसे अधिक निर्माण कार्य किए गए हैं।
इसके तहत नेशनल हाइवे की कुल लंबाई 2014 में 91,287 किमी से बढ़कर लगभग 131,326 किमी हो गई है। केंद्र के निर्णय के बाद राज्य की सड़कों की लंबाई लगभग 39,040 नए नेशनल हाइवे घोषित की गई। वहीं परिवहन मंत्रालय ने नए राष्ट्रीय राजमार्गों के रूप में लगभग 53,031 किलोमीटर राज्य सड़कों की सैद्धांतिक घोषणा को भी मंजूरी दी है।
चालू वित्त वर्ष में, नवंबर 2018 तक 5,759 किलोमीटर राजमार्गों का निर्माण किया गया है, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह 4,942 किलोमीटर था। पिछले साल इसी अवधि के दौरान 2,927 किलोमीटर के मुकाबले नवंबर तक कुल 2,105 किलोमीटर का पुरस्कार दिया गया था।
परिवहन मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मंत्रालय का ध्यान यह सुनिश्चित करने के लिए है कि निर्माण से पहले की गतिविधियां परियोजनाओं के पुरस्कार से पहले पूरी हो जाएं। मंत्रालय ने चालू वित्त वर्ष के दौरान 16,420 किलोमीटर के निर्माण और 20,000 किमी नेशनल हाइवे को पुरस्कृत करने का लक्ष्य रखा है।
महाराष्ट्र परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का गृह राज्य है। यहां पर नवंबर 2018 तक 1,214.32 किलोमीटर का अधिकतम राजमार्ग निर्माण हुआ है। जबकि कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में क्रमशः 466.95 किमी, 466.51 किमी, 414.33 किमी का निर्माण कार्य किया गया है।
गडकरी ने चालू वित्त वर्ष में मौजूदा 24 किमी प्रति दिन से 45 किमी प्रति दिन की दर से निर्माण दर का अनुमान लगाया था। इसके तहत सरकार ने पूर्वोत्तर में 12,000 किमी से अधिक सड़क परियोजनाओं के निर्माण के लिए लगभग 190,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी।