भाजपा ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 साल पूरे होने पर उनके नेतृत्व की सराहना की। भाजपा ने कहा कि पीएम मोदी का कार्यकाल कई महान पहल, नीतियों और रणनीतिक कार्यों के लिए जाना जाएगा। पीएम मोदी के कार्यकाल के दौरान देश को मजबूत करने वाले निर्णय लिए गए। बता दें कि, पीएम मोदी ने 26 मई, 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने पिछले साल 9 जून को तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली।
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महान नीतियों ने राष्ट्र को मजबूत किया- संबित पात्रा
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक पोस्ट में लिखा, भारत के प्रधानमंत्री के रूप में 11 साल पूरे करने पर पीएम नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई। पुरी से भाजपा के सांसद ने कहा कि पिछले 11 साल महान पहलों, नीतियों और रणनीतिक कार्यों के लिए चिह्नित हैं, जिन्होंने राष्ट्र को मजबूत किया है। पात्रा ने कहा कि देश प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता और भारत का वैश्विक स्तर ऊंचा उठाने के अथक प्रयासों के लिए आभारी है।
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अन्य भाजपा नेताओं ने की सराहना
जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने एक पोस्ट में कहा, हम भारत के प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के 11 परिवर्तनकारी वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। यह यात्रा 26 मई, 2014 को शुरू हुई, जो सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के दृष्टिकोण पर आधारित थी। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने कहा, मोदी दिन-रात 'प्रधान सेवक' के रूप में लोगों की सेवा में लगे हुए हैं। पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, 26 मई, 2014 को भारत ने सिर्फ शपथ ग्रहण ही नहीं देखा, यह एक नए युग का जन्म भी था।
गुजरात के दाहोद और भुज में गरजे पीएम
वहीं अपने गुजरात दौरे के दौरान पीएम मोदी ने दाहोद में एक बड़ी सभा को संबोधित करते हुए पाकिस्तान पर तीखा हमला किया और कहा कि उसका एकमात्र उद्देश्य भारत के प्रति नफरत को बढ़ावा देना और नुकसान पहुंचाना है, जबकि भारत गरीबी उन्मूलन और आर्थिक उन्नति के अपने प्रयासों में दृढ़ है। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' की सराहना करते हुए इसे केवल एक सैन्य अभियान नहीं बल्कि "भारत के लोकाचार और भावनाओं की गहन अभिव्यक्ति" बताया और कहा कि इसके तहत की गई निर्णायक कार्रवाई देश के नागरिकों द्वारा उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी की प्रत्यक्ष पूर्ति है, जब उन्होंने 26 मई 2014 को उन्हें 'प्रधान सेवक' बनाया था।