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गन्ना किसानों के लिए 8500 करोड़ का पैकेज, मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी

Wed, 06 Jun 2018 03:48 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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sugarcane farmers
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केंद्र सरकार ने चीनी उद्योग के लिए 8500 करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी दे दी। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इसे हरी झंडी दिखाई गई। इसमें से 1540 करोड़ रुपये चीनी मिलों पर गन्ना किसानों के बकाया भुगतान में इस्तेमाल किया जाएगा। इससे पांच करोड़ गन्ना किसानों को फायदा होगा। इसके अलावा चीनी मिलों को इथनॉल उत्पादन की सुविधा विकसित करने के लिए और चीनी का बफर स्टॉक बढ़ाकर 30 लाख टन करने के लिए 4500 करोड़ रुपये का रियायती लोन दिया जाएगा।

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सूत्रों के अनुसार कैबिनेट की बैठक में इथनॉल उत्पादन की नई क्षमता विकसित करने और मौजूदा क्षमता के विस्तार के लिए दिए गए लोन पर 1300 करोड़ रुपये के ब्याज अनुदान के प्रस्ताव को भी पारित कर दिया गया। गन्ने से प्राप्त इथनॉल को पेट्रोल में मिलाकर बेचा जाएगा। इससे गन्ना किसानों को लाभकारी मूल्य मिलेगा। इसके अलावा इससे पेट्रोलियम पदार्थों के आयात खर्च को कम करने में भी मदद मिलेगी। 

सूत्रों ने बताया कि 30 लाख टन चीनी का बफर बनाए रखने के लिए 1200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कैबिनेट द्वारा मंजूर 8500 करोड़ रुपये के पैकेज में चीनी मिलों पर गन्ना किसानों के बकाया भुगतान के मद में 1540 करोड़ रुपये शामिल हैं। केंद्र सरकार इसकी पहले ही घोषणा कर चुकी है।
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गिरती कीमतों को थामने के लिए कदम
केंद्र सरकार घरेलू बाजार में चीनी की गिरती कीमतों को थामने के लिए पहले ही इस पर आयात शुल्क को 100 फीसदी कर चुकी है। पहले यह 50 फीसदी था। इसके अलावा चीनी पर निर्यात शुल्क को भी खत्म कर दिया गया है। इसके बाद केंद्र से चीनी मिलों को 20 लाख टन चीनी निर्यात करने को कहा है। 

ग्रामीण डाक सेवकों के वेतन में 56 फीसदी की बढ़ोतरी
कैबिनेट ने ग्रामीण डाक सेवकों के वेतन में 56 फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी। उनका वेतन 2295-4415 रुपये से बढ़ाकर 10,000-14500 रुपये कर दिया गया है। उन्हें 1 जनवरी, 2016 से एरियर भी दिया जाएगा। इससे पांच लाख ग्राम डाक सेवकों को फायदा होगा।

बीमार पीएसयू की फालतू जमीन पर गरीबों के लिए मकान
केंद्र सरकार ने बीमार सरकारी कंपनियों (पीएसयू) की समयबद्ध बंदी और उनकी फालतू जमीन पर गरीबों के लिए मकान बनाए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। इससे गरीबों के लिए मकान बनाने के काम को गति मिलेगी।

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