कर्नाटक विधानसभा में अवैध रेत खनन का मुद्दा उस वक्त जोरदार तरीके से उठा, जब गृह मंत्री जी परमेश्वर ने खुद स्वीकार किया कि इस धंधे में सभी राजनीतिक दलों के बड़े लोग शामिल हैं। उन्होंने इसे शर्मनाक स्थिति बताया और कहा कि रेत माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब एक महिला विधायक ने रेत माफिया से धमकियां मिलने का आरोप लगाया है।
पूरा मामला क्या है?
यह मुद्दा जेडी(एस) की देवदुर्गा से विधायक करेम्मा नायक ने विधानसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि रायचूर जिले में अवैध रेत खनन खुलेआम हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक बनने के बाद से वह ईमानदारी से इस पर रोक लगाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन अब तक सफल नहीं हो पाईं। रेत माफिया के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें धमकियां भी मिलीं।
गृह मंत्री ने क्या माना?
गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि अवैध रेत खनन कोई छोटा मामला नहीं, बल्कि एक बड़ा रैकेट है। उन्होंने कहा कि मैं यह नहीं कह रहा कि इसके पीछे कौन नेता है, लेकिन यह सच है कि सभी दलों के बड़े लोग इसमें शामिल हैं। साथ ही उन्होंने यह भी माना कि ऐसी स्थिति राज्य के लिए शर्मनाक है और इस मामले पर आंखें बंद नहीं की जा सकतीं।
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रेत माफिया कैसे कर करते हैं नुकसान?
- कृष्णा नदी से रातों-रात जेसीबी और टिपरों से रेत निकाली जा रही है।
- खेतों में उड़ती धूल से मिर्च और कपास जैसी फसलें खराब हो रही हैं।
- सरकार को रॉयल्टी का भारी नुकसान हो रहा है।
- स्थानीय स्तर पर रेत की मांग होते हुए भी वैध टेंडर प्रक्रिया अटकी हुई है।
- अवैध खनन से अपराध और धमकी का माहौल बन रहा है।
प्रशासन और कानून की भूमिका पर सवाल?
गृह मंत्री ने कहा कि अवैध खनन केवल देवदुर्गा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राज्य में फैला हुआ है। उन्होंने बताया कि खनन और भूविज्ञान विभाग की अहम भूमिका है और माइंस एंड मिनरल्स कानून के तहत जिला स्तर पर समिति बनी हुई है। शिकायत मिलने पर पुलिस कार्रवाई करती है, लेकिन कई बार चूक हो जाती है। उन्होंने कहा कि सैंड टास्क फोर्स भी है, जिसे और प्रभावी बनाना होगा।
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विधायकों की सुरक्षा पर सरकार का आश्वासन
करेम्मा नायक ने कहा कि रेत माफिया के खिलाफ बोलने पर उनके घर पर धमकी दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक महिला विधायक सुरक्षित नहीं है, तो आम लोगों का क्या होगा। इस पर गृह मंत्री ने साफ कहा कि सरकार किसी भी विधायक को नुकसान नहीं होने देगी। उन्होंने पुलिस विभाग को जिम्मेदारी का अहसास दिलाया और कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही पर कार्रवाई होगी।
जी परमेश्वर ने कहा कि वह जल्द ही रायचूर जिले के सभी विधायकों की बैठक बुलाएंगे और सुझाव लेकर ठोस फैसला करेंगे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा, लेकिन यह भी माना कि अवैध रेत खनन एक दिन में पूरी तरह नहीं रोका जा सकता। सरकार का दावा है कि रेत माफिया पर नकेल कसने के लिए चरणबद्ध तरीके से सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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