क्या महाराष्ट्र के सभी स्कूलों में मराठी भाषा पढ़ाया जा रहा है? ऐसे सवाल आज इसलिए उठ रहे है क्योंकि साल 2020 में महाराष्ट्र के शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी स्कूलों में मराठी भाषा पढ़ाना अनिवार्य होगा, ऐसा आदेश दिया था। अब चार साल बाद शिक्षा विभाग ने इस मामले में रिपोर्ट मांगी है।
महाराष्ट्र में एक बार फिर सभी स्कूलों में मराठी पढ़ाए जाने का आदेश चर्चा में है। इसका बड़ा कारण यह है कि शिक्षा विभाग ने मंगलवार को शिक्षा आयुक्त से 2020 के आदेश के पालन की जांच रिपोर्ट मांगी है। इस आदेश के तहत मराठी को हर स्कूल में अनिवार्य पढ़ाना है, चाहे वह ICSE, CBSE, IB या अन्य बोर्ड से संबद्ध हो।
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बता दें कि मामले में सरकार ने 9 मार्च 2020 को यह गवर्नमेंट रेजोल्यूशन (जीआर) जारी किया था। इसके बाद सितंबर 2024 में शिक्षा विभाग ने क्षेत्रीय शिक्षा उप-निदेशकों को भी इस विषय पर पत्र भेजा था और पालन की जांच करने के निर्देश दिए थे।
ताजा पत्र में शिक्षा विभाग ने कहा कि आदेश के पालन की जांच कर रिपोर्ट सौंपें। पत्र में महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) के नेता अमित ठाकरे के अगस्त 2024 के पत्र का भी उल्लेख है, जिसमें उन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई थी, जिन्होंने आदेश का पालन नहीं किया। ऐसे में इस कदम के माध्यम से यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि महाराष्ट्र के सभी स्कूलों में मराठी भाषा की शिक्षा अनिवार्य रूप से दी जाए और बच्चों को उनकी मातृभाषा का ज्ञान सुनिश्चित हो।