तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने रविवार को राज्यपाल और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर द्रमुक नीत सरकार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कड़ा विरोध करने की वजह से नुकसान उठाना पड़े तो भी घबराने की जरूरत नहीं है। अगर हमारी सरकार पर खतरा आ जाए फिर भी किसी को घबराने की जरूरत नहीं है।
स्टालिन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राज्यपाल आरएन रवि की शिकायत भी की। उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने सांप्रदायिक नफरत को बढ़ावा दिया है। वह राज्य की शांति के लिए खतरा हैं। राज्य सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, राष्ट्रपति मुर्मू को आठ जुलाई को लिखे पत्र में स्टालिन ने आरोप लगाया कि रवि ने संविधान के अनुच्छेद 159 के तहत ली गई पद की शपथ का उल्लंघन किया है।
बालाजी मामले के बाद बढ़ी तल्खी
मुख्यमंत्री ने पत्र में दावा किया कि हाल में राज्यपाल द्वारा मंत्री वी. सेंथिल बालाजी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने संबंधी कदम से उनके राजनीतिक पक्षपात का पता चलता है। राज्यपाल ने बाद में सेंथिल बालाजी को बर्खास्त करने संबंधी अपने फैसले को वापस ले लिया था।
विपक्षी एकता को लेकर कही यह बात
स्टालिन ने विपक्षी दलों की हाल में पटना में हुई बैठक के बारे में बयान दिया। स्टालिन ने कहा कि यह महत्वपूर्ण नहीं है कि सत्ता कौन संभालेगा? इसके बदले यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि मौजूदा भाजपा सरकार जारी नहीं रहनी चाहिए। इस महीने की 17 और 18 तरीख को कर्नाटक में विपक्षी दलों की होने वाली प्रस्तावित बैठक पर उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार और खास तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे चिंता में हैं। स्टालिन ने रोजगार के अवसर संबंधी वादे और किसान कल्याण को लेकर भी पीएम मोदी पर भी निशाना साधा।