मी टू अभियान के तहत एक दर्जन महिलाओं के यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने रविवार को विदेश से लौटते ही जवाब दिया। विदेश राज्यमंत्री ने आरोपों को मनगढ़ंत और चुनावी एजेंडा करार दिया। साथ ही आरोप लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। उन्होंने अभियान के पीछे प्रिया रमानी का हाथ बताते हुए पूछा कि दशकों बाद आरोप लगाने का मतलब क्या है?
उन्होंने कहा कि साक्ष्य के बिना आरोप कुछ वर्गों के बीच एक वायरल बुखार बन गया है। जो कुछ भी मामला है, अब मैं लौट आया हूं, मेरे वकील इन आधारहीन आरोपों को कानूनी कार्रवाई के जरिए देखेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि 'आम चुनाव से ठीक पहले इस तरह का तूफान क्यों उठा? क्या इसके पीछे कोई एजेंडा है? आप ही फैसला करें। इन झूठे, आधारहीन और वाहियात आरोपों ने मेरी प्रतिष्ठा और साख को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है।' केंद्रीय मंत्री ने कहा, झूठ के पैर नहीं होते हैं, लेकिन उनमें एक जहर होता है, जिसे एक पागलपन में किसी पर भी मार दिया जाता है। यह बहुत ही चिंताजनक है। मैं उचित कानूनी कार्रवाई करूंगा।'
झूठ के पैर नहीं होते, लेकिन जहर बुझे होते हैं...
केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने कहा, ‘आखिर चुनाव से ठीक पहले यह तूफान क्यों उठा? क्या यह एजेंडा नहीं है? इन झूठे, निराधार और अमानवीय आरोपों से मेरी प्रतिष्ठा धूमिल हुई है। मुझे पता है कि झूठ के पैर नहीं होते, लेकिन ये जहर बुझे होते हैं। आरोपों पर कानूनी सलाह लेने के बाद जल्द आरोप लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’
प्रिया रमानी के आरोप पर क्या बोले एमजे अकबर?
उन्होंने अपने बयान में कहा, 'प्रिया रमानी ने एक साल पहले एक पत्रिका में लेख के जरिए इस अभियान की शुरुआत की थी। हालांकि उन्होंने मेरा नाम तक नहीं लिया था, क्योंकि उन्हें पता था कि यह एक झूठी कहानी है। जब हाल ही में उनसे पूछा गया कि उन्होंने मेरा नाम क्यों नहीं लिया, तो उन्होंने ट्वीट के जरिए जवाब दिया- उनका नाम नहीं लिया, क्योंकि उन्होंने कुछ भी नहीं किया था।'
उन्होंने आगे कहा, 'अगर मैंने कुछ नहीं किया है तो यह कहानी क्या है, क्यों है? यहां कोई कहानी ही नहीं है। लेकिन उस चीज के बारे में अटकलों, संकेतों और आक्षेपों का एक ऐसा वातावरण बनाया गया, जो कभी हुई ही नहीं। इनमें कुछ तो ऐसी बातें हैं जो पूरी तरह सुनी-सुनाई हैं और कुछ बिल्कुल स्पष्ट हैं। मैंने कुछ नहीं किया है।'
केंद्रीय मंत्री ने अन्य आरोपों पर भी दी सफाई
एमजे अकबर ने अन्य आरोपों पर भी स्पष्टीकरण देते हुए कहा, 'शुतापा पॉल कहती हैं- उस आदमी ने कभी मुझे हाथ तक नहीं लगाया। शुमा राहा कहती हैं, मैं स्पष्ट करना चाहती हूं कि उन्होंने सच में कुछ नहीं किया है। एक अन्य महिला अंजु भारती इस हद तक चली गईं कि उन्होंने दावा किया कि मैं एक स्विमिंग पूल में पार्टी कर रहा था, जबकि मुझे तो ये भी नहीं पता कि तैरते कैसे हैं?'
उन्होंने आगे कहा कि गजला वहाब की ओर से बार-बार आरोप लगाए जा रहे हैं, जो मेरी प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाते हैं। उन्होंने गजला वहाब के आरोपों को भी झूठा और मनगढ़ंत बताया। उन्होंने कहा कि इन कथित घटनाओं के बाद भी गजला वहाब और प्रिया रमानी ने मेरे साथ काम किया, जिससे ये साफ होता है कि मेरे साथ काम करने में उन्हें कोई परेशानी या चिंता वाली बात नहीं थी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये सभी आरोप झूठे, प्रेरित और पूरी तरह से निराधार हैं। बता दें कि केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने इस्तीफा नहीं दिया है। हालांकि पहले ऐसी अटकलें आ रही थीं कि उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। रविवार की सुबह ही वो नाइजारिया के दौरे से भारत लौटे हैं।