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मन्नान वानी केस:किस आधार पर लगा देशद्रोह का आरोप,एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष ने उठाया सवाल

Sun, 14 Oct 2018 05:15 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान रॉथर ने कहा कि एसएसपी बताएं कि कश्मीर के छात्रों के खिलाफ किस आधार पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हुआ है। कैनेडी हॉल परिसर में आतंकी मन्नान वानी के जनाजे की नमाज पढ़ने की कोशिश को सज्जाद सिरे से खारिज करते हैं। उनका कहना है कि मन्नान वानी की मौत के बाद छात्र विचार करने के लिए वहां जमा हुए थे। मैंने स्वयं दो छात्रों को भेजा ताकि कुछ गलत नहीं हो। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों ने आजादी-आजादी के नारे लगाए भी हैं तो गलत क्या है। यह अभिव्यक्ति की आजादी है। 

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उन्होंने कहा कि यह साबित किया जाए कि कैनेडी हॉल परिसर में राष्ट्र विरोधी नारे लगे हैं। उन्होंने कहा कि सियासत के लिए कश्मीर के छात्रों को बदनाम किया जा रहा है। कश्मीर के छात्रों को मजबूर किया जा रहा है कि वह घर जाएं। सांसद सतीश गौतम भी बिना सोचे समझे गैर जिम्मेदराना बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर के छात्रों के साथ ज्यादती हुई तो वह 17 अक्तूबर को सर सैयद दिवस के दिन ‘अलीगढ़ छोड़ दो, गो बैक कश्मीर’ का नारा लगाएंगे। मन्नान वानी आतंकी बना। यह उसका व्यक्तिगत निर्णय था। मैं स्वयं नमाज-ए-जनाजा नहीं चाहता था।

देशद्रोह का मुकदमा, निलंबन एवं नोटिस के बाद खलबली  

देशद्रोह का मुकदमा, दो छात्रों के निलंबन सहित 9 को कारण बताओ नोटिस दिये जाने के बाद कश्मीरी छात्रों में खलबली मच गई है। मामला रफा-दफा करने के लिए शनिवार को कश्मीर के दर्जनों छात्र प्रॉक्टर ऑफिस पहुंचे। कश्मीरी छात्रों ने प्रॉक्टर आफिस में सवाल उछाला कि आप लोगों को कैसे पता चला कि हमलोग मन्नान वानी के जनाजे की नमाज पढ़ने गए थे। आतंकी मन्नान वानी के मरने पर शहीद घोषित कर जनाजे की नमाज पढ़ने की कोशिश करने तथा रोकने पर हंगामा एवं नारेबाजी करने वाले छात्रों के खिलाफ पुलिस एवं एएमयू प्रशासन की कार्यवाही के बाद कश्मीर के छात्रों में खलबली मच गई है। एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान रॉथर के साथ शनिवार को दर्जनों छात्र प्रॉक्टर आफिस पहुंचे ताकि उनका मामला रफा-दफा हो सकें। 

कुछ छात्रों ने प्रॉक्टर ऑफिस द्वारा दो छात्रों को निलंबित करने एवं 7 छात्रों के खिलाफ नोटिस जारी किये जाने पर सवाल उठाया और पूछा कि आपको कैसे पता कि कश्मीर के छात्र वहां नमाज-ए-जनाजा पढ़ने गए थे। प्रॉक्टर आफिस के अधिकारियों ने जब हकीकत बया किया तो उनके तेवर ढीले पड़े। अधिकारियों ने कहा कि कारण बताओ नोटिस दिया गया है। छात्र उसका जवाब दें। निर्दोष छात्रों के खिलाफ कार्यवाही नहीं होगी और दोषी लोगों को नहीं छोड़ा जाएगा। प्रॉक्टर आफिस के अधिकारियों ने साफ-साफ कह दिया कि देशहित के खिलाफ कोई कार्य कैंपस में नहीं होने देंगे।
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देशद्रोह प्रकरण में नामजदों की तलाश में दबिश

हिजबुल कमांडर और एएमयू से निष्कासित रिसर्च स्कालर मन्नान वानी को सेना द्वारा मार गिराए जाने के एएमयू परिसर में  देश विरोधी नारेबाजी करने वाले कश्मीरी शोध छात्र वसीम अयूब मलिक और अब्दुल अबीर मीर की तलाश में पुलिस ने कई जगह दबिश दी। हर संभावित ठिकाने पर उनकी तलाश की जा रही है। इसके अलावा पुलिस कैंपस में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।  शुक्रवार को दोनों छात्रों के खिलाफ देशद्रोह का नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। 

इस प्रकरण में रसायन विभाग के शोध छात्र वसीम अयूब मलिक और इतिहास विभाग के अब्दुल अबीर मीर के खिलाफ धारा 147, 148, 124 ए, 153 ए, 153 बी, 323, 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इन धाराओं में देश विरोधी नारेबाजी, एक राय होकर हमला करना, गाली गलौज करना, जान से मारने की धमकी देना, सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ना आदि आरोप शामिल हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस नामजदों के साथ ही फुटेज के आधार पर घटना में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान कर रही है।
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