Mizoram SCRAM Meeting: नई गवर्निंग काउंसिल को इसी वर्ष 20 अगस्त को अधिसूचित किया गया था। इसमें मुख्यमंत्री एक्स-ऑफिसियो चेयरमैन और प्लानिंग सचिव एक्स-ऑफिसियो मेंबर सेक्रेटरी होंगे। योजना छह वर्षों की अवधि में लागू की जाएगी।
फोकस 2.0 कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए गठित सोसाइटी फॉर क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर इन मिजोरम (एससीआरएएम) की गवर्निंग काउंसिल की बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री लालदुहोमा की अध्यक्षता में प्लानिंग एंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन विभाग के सभागार में आयोजित हुई।
फोकस 1.0 सफलता के बाद 2.0 करने का फैसला
फोकस 1.0 कार्यक्रम की सफलता के बाद राज्य सरकार ने हैंडहोल्डिंग योजना के अंतर्गत फोकस 2.0 शुरू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के लिए अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष (आईएफएडी) से 380 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता का प्रस्ताव राज्य वित्त विभाग ने स्वीकृत किया है। इसके लिए भारत सरकार की मंजूरी का इंतजार है। योजना के क्रियान्वयन में कई विभागों की सहभागिता होगी और इसका नोडल एजेंसी प्लानिंग एंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन विभाग रहेगा।
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नई गवर्निंग काउंसिल को इसी वर्ष 20 अगस्त को अधिसूचित किया गया था। इसमें मुख्यमंत्री एक्स-ऑफिसियो चेयरमैन और प्लानिंग सचिव एक्स-ऑफिसियो मेंबर सेक्रेटरी होंगे। योजना छह वर्षों की अवधि में लागू की जाएगी।
7 हजार भूमिहीन किसान परिवार होंगे शामिल
बैठक में क्रियान्वयन की रूपरेखा, परिचालन ढांचे और नामकरण में संशोधन, फोकस 1.0 के अंतर्गत निर्मित परिसंपत्तियों और संसाधनों का उपयोग तथा जिला और गांव स्तर पर कार्यान्वयन एजेंसियों की संरचना पर चर्चा हुई। इसके साथ ही परियोजना कार्मिकों की नियुक्ति और संलग्नता पर भी विचार-विमर्श किया गया।
करीब 75000 परिवार होंगे लाभान्वित
फोकस 2.0 कार्यक्रम में 11 जिलों के 700 गांवों में लागू होगा, जिससे 75000 परिवार लाभान्वित होंगे। इनमें से 7,000 भूमिहीन किसान परिवार भी शामिल होंगे। योजना का विशेष जोर महिला लाभार्थियों पर रहेगा। इस बैठक में कृषि मंत्री पीसी वनलालरुआता, भूमि संसाधन, मृदा एवं जल संरक्षण मंत्री लालथानसांगा, मुख्यमंत्री के सलाहकार टीबीसी लालवेंचहूंगा और डॉ. केसी लालमल्सावमजाउवा, मुख्य सचिव खिल्ली राम मीणा समेत अन्य सदस्य उपस्थित रहे।