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Mizoram: मिजोरम सीएम लालदुहोमा ने भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने का किया विरोध, FMR पर कही ये बात

Sat, 17 Feb 2024 06:52 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आइजोल

सार

Mizoram: मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने शनिवार को इस बात को दोहराया कि उनकी सरकार भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने और मुक्त आवाजाही व्यवस्था (एमएमआर) को खत्म करने के लिए खिलाफ है।
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लालदुहोमा - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने शनिवार को इस बात को दोहराया कि उनकी सरकार भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने और मुक्त आवाजाही व्यवस्था (एमएमआर) को खत्म करने के लिए खिलाफ है। उन्होंने एनजीओ समन्वय समिति (एनजीओसीसी) के नेताओं के साथ बातचीत के दौरान कहा कि अंग्रेजों ने मिजो लोगों को अलग करने के लिए एफएमआर नीति को अपनाया था और सीमा पर पाबंदी लगा दी थी। 

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उन्होंने कहा कि भारत और म्यांमार में रहने वाले मिजो अभी भी एक प्रशासनिक इकाई के तहत एकीकरण का सपना देखते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार चाहती है कि म्यांमार के साथ मुक्त आवाजाही व्यवस्था जारी रहे। 

लालदुहोमा ने कहा कि उन्होंने जनवरी और फरवरी में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से दो बार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने शाह को भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने और एफएमआर को हटाने के मुद्दे पर मिजोरम के रुख के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने गृहमंत्री से आग्रह किया है कि भले ही मणिपुर की तरफ भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लगा दी जाए, लेकिन मिजोरम की तरफ बाड़ न लगाई जाए।  
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मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि केंद्र मिजोरम-म्यांमार के बीच 510 किलोमीटर लंबी सीमा पर बाड़ नहीं लगाएगा। इस बीच, एनजीओ समन्वय समिति ने कहा कि वह भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने और एफएमआ खत्म करने केंद्र के फैसले का विरोध करेगी और 21 फरवरी को आइजोल में प्रदर्शन करेगी। 

एनजीओसीसी पांच प्रमुख नागरिक समाज संगठनों और छात्र संगठनों का एक समूह है। इसमें सेंट्रल यंग मिजो एसोसिएशन (सीवाईएमए) और मिजो जिरलाई पॉल (एमजेडपी) भी शामिल हैं। समिति ने इससे पहले शाह को ज्ञापन भेजा था और केंद्र से भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने और एफएमआर को खतम करने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था। 

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