मिजोरम सरकार के अधिकारी ने बताया कि पहले जत्थे में 272 लोगों ने 20 नवंबर को राज्य में प्रवेश किया, इसके बाद दूसरे जत्थे में 21 और हाल में 15 और लोग आए।
बांग्लादेश में कुछ संगठनों पर सैन्य कार्रवाई के बाद कुकी-चिन समुदाय के 300 से अधिक लोग पड़ोसी देश से भागकर भारत आ गए। इसको लेकर मिजोरम सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि नवंबर में सैन्य कार्रवाई शुरू करने के बाद लोग पड़ोसी देश से भारत में आ गए। उन्होंने बताया कि चटगांव पहाड़ी इलाकों के बांग्लादेशी नागरिकों ने भारत में प्रवेश करने के बाद दक्षिण मिजोरम के लॉन्गतलाई जिले में शरण ली है।
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अधिकारी ने कहा कि बांग्लादेशी सुरक्षा बलों द्वारा विद्रोही समूह कुकी-चिन नेशनल आर्मी (केएनए) के खिलाफ अभियान शुरू करने के बाद ये लोग
भारत पलायन कर गए। केएनए कुकी-चिन नेशनल फ्रंट (केएनएफ) की सशस्त्र शाखा है, जो एक अलग राज्य की मांग कर रही है जिसमें चटगांव पहाड़ी इलाकों में कुकी-चिन या मिजो समुदाय के लोग रहते हैं।
मिजोरम सरकार के अधिकारी ने बताया कि पहले जत्थे में 272 लोगों ने 20 नवंबर को राज्य में प्रवेश किया, इसके बाद दूसरे जत्थे में 21 और हाल में 15 और लोग आए। आगे उन्होंने कहा कि सरकार ने फैसला किया है कि बांग्लादेशियों को पर्व-3 क्षेत्र से आसपास के चार गांवों में स्थानांतरित किया जाएगा, जहां वे वर्तमान में शरण ले रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि 30 परिवारों को तुइथुम्नार गांव में स्थानांतरित किया जाएगा, 20 परिवारों को वाथुमपुई गांव में स्थानांतरित किया जाएगा और 14 और 10 परिवारों को चामदुर परियोजना और मौतलांग गांवों में स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन लोगों की देखभाल के लिए ग्राम-स्तरीय समितियों का गठन किया गया है, जिसमें उनके रहने और खाने की व्यवस्था भी शामिल है। मिजोरम बांग्लादेश के साथ 318 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है।