मिजोरम एग्जिट पोल 2018 LIVE UPDATE: उत्तर पूर्व में मिजोरम ही अब इकलौता राज्य हैं जहां सालों से कांग्रेस का परचम लहरा रहा है। प्रदेश में 28 नवंबर को सभी 40 सीटों पर मध्यप्रदेश के साथ विधानसभा चुनाव हुए थे। अब तेलंगाना और राजस्थान में मतदान समाप्ति के बाद सत्ता का सेमीफाइनल माने जा रहे पांचों राज्यों के चुनाव भी खत्म हो गए हैं। विभिन्न एजेंसियां और न्यूज चैनल किस पार्टी को कितनी सीटें दे रहे हैं जानिए।
रिपब्लिक टीवी-सी वोटर का एग्जिट पोल
| कांग्रेस |
14-18 |
| मिजो नेशनल फ्रंट |
16-20 |
| जोरम पीपल्स मूवमेंट |
3-7 |
| अन्य |
0-3 |
टाइम्स नाउ- सीएनएक्स का एग्जिट पोल
| कांग्रेस |
16 |
| मिजो नेशनल फ्रंट |
18 |
| अन्य |
6 |
न्यूज एक्स-नेता का एक्जिट पोल
| कांग्रेस |
15 |
| मिजो नेशनल फ्रंट |
19 |
| अन्य |
6 |
सभी की नजर अब चुनाव के परिणाम पर है जो 11 दिसंबर को जारी होंगे। मिजोरम पर सबकी निगाहें इसलिए भी टिकी हुई हैं की अपने पड़ोसी राज्यों की तरह यह भाजपा संग विकास करना चुनता कांग्रेस के साथ बना रहता है। हम आपको बता रहे हैं नतीजे से पहले का अनुमान एग्जिट पोल में।
मिजोरम में मुख्य मुकाबला मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ), मिजोरम पीपल्स फ्रंट , जोरम पीपल्स मूवमेंट( जेडपीएम), भतरिया जनता पार्टी (भाजपा), पूर्व लोकसभा स्पीकर पी. ए. पार्टी नेशनलिस्ट पीपल्स पार्टी (एनपीपी|) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के बीच है। 1987 तक राज्य में कांग्रेस और एमएनएफ ने राज किया। 2013 में कांग्रेस ने प्रचंड हासिल करके सरकार बनाई ।
ललथनहवला को मिली कड़ी चुनौती
जेडपीएम के अध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जोरमथांगा ललथनहवला को कड़ी चुनौती देते दिखे। चुनावी पंडितों की मानें तो भाजपा भले ही यहां चुनाव ना जीते मगर किंग मेकर की भूमिका में आ सकती है।
मुख्यमंत्री ललथनहवला के नेतृत्व में कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया । कांग्रेस की जीत होने पर ललथनहवला लगातार तीसरी बार जबकि प्रदेश के छठीं बार मुख्यमंत्री बनेंगे। पिछले चुनाव में भाजपा ने एक भी सीटें नहीं जीती थी जबकि इस बार उसने 39 सीटों पर चुनाव लड़ा। एमएनएफ केंद्र में भाजपा के साथ रही है, उसने भी अकेले चुनाव में ताल ठोकी।
2013 की स्थिति
| भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
34 |
| मिजो नेशनलिस्ट फ्रंट |
5 |
| मिजोरम पीपल्स फ्रंट |
1 |
| भाजपा |
0 |